जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने उमर अब्दुल्ला की पायल अब्दुल्ला से तलाक की अर्जी खारिज कर दी. दिल्ली हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है. फैमिली कोर्ट ने भी उमर अब्दुल्ला की ओर से दाखिल तलाक की अर्जी को खारिज कर दिया था.
हाईकोर्ट ने पूर्व सीएम की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि उमर अब्दुल्ला द्वारा लगाए गए आरोप अस्पष्ट और गलत हैं. उमर अब्दुल्ला द्वारा दायर तलाक याचिका को फैमिली कोर्ट ने 2016 में इसी आधार पर खारिज कर दिया था.
उमर अब्दुल्ला ने 2011 में दिल्ली की रहने वाली पायल नाथ के साथ शादी की थी. वे रिटायर आर्मी अफसर की बेटी हैं. पिछले दिनों उमर अब्दुल्ला ने बताया था कि वे और उनकी पत्नी पायल अब अलग अलग हैं. इसी साल अगस्त में दिल्ली हाईकोर्ट ने उमर अब्दुल्ला को अलग रह रहीं पत्नी पायल अब्दुल्ला और बच्चों को गुजारा भत्ता की रकम बढ़ाने का आदेश दिया था.
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि उमर अपनी पत्नी पायल को 1.5 लाख रुपये हर महीने गुजारा भत्ता दें. जबकि निचली अदालत ने इससे पहले 75 हजार रुपए मासिक भत्ता देना तय किया था. वहीं, हाईकोर्ट ने उमर अब्दुल्ला को आदेश दिया कि वो हर महीने 60 हजार रुपए अपने बच्चों को एजुकेशन भत्ता दें. जबकि ट्रायल कोर्ट ने इस 25 हजार रुपए तय किए थे.
पायल अब्दुल्ला ने ट्रायल कोर्ट 2018 के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और गुजारा भत्ता बढ़ाने की मांग की थी. ट्रायल कोर्ट ने जुलाई 2018 में आदेश दिया था कि उमर अपनी पत्नी को 75000 रुपये हर महीने, जबकि बच्चों को 25,000 मासिक गुजारा भत्ता देंगे.