दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया है. दरअसल, पीएम नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी. इसमें कहा गया था कि एक चुनावी जनसभा के दौरान नरेंद्र मोदी ने कथित तौर पर सांप्रदायिक भाषण दिया और आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन किया. इसी मामले को लेकर याचिका में पीएम के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की गई थी.
'यह नहीं माना जा सकता कि EC कुछ नहीं करेगा...'
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि याचिका पर सुनवाई का कोई औचित्य नजर नहीं आता है. चुनाव आयोग यह तय कर सकता है कि कोर्ट किसे नोटिस जारी करे. चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है. यह नहीं माना जा सकता कि वह कुछ नहीं करेगा.
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दोहरा मानदंड क्यों अपना रहा चुनाव आयोग?
याचिकाकर्ता ने दलील दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इस देश में किसी भी अन्य राजनीतिक नेता से अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है? क्या चुनाव आयोग दूसरे मामलों में भी ऐसे ही बर्ताव करेगा? किसी अन्य राजनीतिक पार्टी को नोटिस जारी करेगा? चुनाव आयोग दोहरा मानदंड क्यों अपना रहा है?