राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) के प्रीत विहार के एसएचओ मुकेश कुमार को लाइन हाजिर कर दिया गया है. SHO पर ये कार्रवाई उनके ढीले रवैये की वजह से DCP अपूर्वा गुप्ता ने की है. कुछ दिनों पहले प्रीत विहार में 70 लाख रुपये से ज्यादा की चोरी हुई थी. उस वक्त इस थाने के एसएचओ मुकेश कुमार थे. चोरी के बाद इलाके के सीनियर अधिकारियों तक बात पहुंची. केस को वर्कआउट करने का प्रेशर बना, कई टीमें बनाई गईं. पुलिस ने इस दौरान करीब 200 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले.
इसके बाद प्रीत विहार थाने की टीम रेड पर गई. जब ये केस थाने में आया, तब से ही SHO मुकेश कुमार का इसको लेकर अजीबोगरीब रिएक्शन था. टीमें रेड करने भी गईं. एक बार जब टीम खाली हाथ वापस लौटी तो SHO ने कहा कि कोई बात नहीं और अगली बार टीम को भेजने की जहमत तक नहीं उठाई गई.
समझाने के बाद भी नहीं माने SHO
सूत्रों के मुताबिक, इसके बाद इलाके के एसएचओ ने इस केस में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई और वो मामले को टालने लगे. इसके बाद इलाके की डीसीपी ने तेज तर्रार आईपीएस अधिकारी नित्या को केस की जिम्मेदारी सौंप दी. वो टीम के साथ काम कर रही थीं, लेकिन एसएचओ का ढुलमुल रवैया बरकरार था. उन्होंने कई बार एसएचओ को समझाया, लेकिन वो नहीं माने.
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आखिरकार उन्होंने सारी बातें इलाके की तेज तर्रार IPS अधिकारी और डीसीपी अपूर्वा गुप्ता को बता दी. इसके बाद डीसीपी अपूर्वा ने एसएचओ को तुरंत लाइन हाजिर कर दिया. जानकारी के मुताबिक 50 लाख से ज्यादा की रिकवरी हो गई है. टीमें काम कर रही हैं, लेकिन ना जाने क्यों एसएचओ मुकेश कुमार ने इस केस में दिलचस्पी नहीं दिखाई, जिसका उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ा. हाल ही में मुकेश कुमार ने एसएसओ के पद का कार्यभार संभाला था.