दिल्ली में हुए 2020 दंगे के दौरान पुलिसकर्मी पर बंदूक तानने के आरोपित शाहरुख पठान ने जमानत याचिका पर सुनवाई में देरी होने को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में दलील दी है. शाहरुख ने दिल्ली हाई कोर्ट से कहा कि एक साल व तीन महीने बीत जाने के बाद भी अब तक केवल दो गवाहों की जांच की गई है. पठान की जमानत याचिका को निचली अदालत ने दिसंबर 2021 में खारिज कर दिया था. इसे पठान ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है. इस मामले में पठान के खिलाफ पहले ही आरोप तय हो चुका है.
दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान पठान की तरफ से पेश वकील ने कहा कि भले ही उनके मुवक्किल के खिलाफ दिसंबर 2021 में आरोप तय किए गए थे, लगभग 40 गवाहों में से अब तक केवल दो गवाहों की जांच की गई है. मुकदमे का निपटारा करने में भारी देरी हो रही है. इस पर अदालत ने पठान व दिल्ली पुलिस को मामले में लिखित बयान दाखिल करने का निर्देश देते हुए सुनवाई दो मई तक के लिए टाल दिया.
बता दें कि साल 2020 में नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में दंगे हुए थे. इस दौरान शाहरुख पठान का एक वीडियो सामने आया था. इसमें वह पुलिसवालों की तरफ बंदूक तानकर गोलियां चला रहा था. मौजपुर इलाके का यह वीडियो काफी वायरल हुआ था.
नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में 23 फरवरी 2020 को अचानक दंगे भड़क गए थे. दंगाग्रस्त क्षेत्रों की सड़कों पर सांप्रदायिक नफरत की आग भड़क उठी थी. इन दंगों के दौरान 53 लोगों की जान गई थी. वहीं, सैकड़ों लोग जख्मी हुए थे. यह दंगे उस दौरान हुए जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत दौरे पर थे. इलाके में कई दिनों तक तनाव रहा था और सैंकड़ों घरों, दुकानों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था.