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दिल्ली हिंसा केस: नताशा, देवांगना, आसिफ पर बोले पूर्व जज, ‘हर किसी में इनके जैसी हिम्मत नहीं’

साल 2020 में हुई दिल्ली हिंसा मामले में मंगलवार को हाईकोर्ट ने नताशा नरवाल, देवांगना कलिता और आसिफ इकबाल को जमानत दी. पूर्व जज जस्टिस दीपक गुप्ता ने इन तीनों छात्रों की तारीफ की है और हिम्मत की दाद दी है.

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दिल्ली हिंसा मामले में मिली है तीनों को जमानत
दिल्ली हिंसा मामले में मिली है तीनों को जमानत
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दिल्ली हिंसा मामले में तीन छात्रों को जमानत
  • नताशा, देवांगना और आसिफ इकबाल को HC से राहत

दिल्ली हिंसा से जुड़े मामलों में आरोपी नताशा नरवाल, देवांगना कलिता और आसिफ इकबाल को दिल्ली हाईकोर्ट से बीते दिन जमानत मिल गई थी. दिल्ली पुलिस ने इस मसले पर अब सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है, लेकिन इस मामले में हुए एक्शन को लेकर लगातार चर्चा जारी है.   

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस दीपक गुप्ता ने इस मसले पर इंडिया टुडे से बात की और दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा इन तीनों छात्रों को जमानत दिए जाने की तारीफ की. 

जस्टिस गुप्ता ने कहा कि इन तीनों में से आसिफ इकबाल को लेकर जो फैसला सुनाया गया है, वह सबसे अहम है. आसिफ इकबाल जजमेंट एक ऐतिहासिक घटना हो सकता है. जिसमें UAPA एक्ट को लेकर विस्तार से बात की गई है, साथ ही आतंकी गतिविधि क्या है. बताया गया है कि हर जुर्म टेरेरिज्म से जुड़ा हुआ नहीं है. 

जस्टिस गुप्ता के मुताबिक, आपको याद रखना चाहिए कि UAPA के केस में कोर्ट तभी बेल दे सकती है, जब शुरुआत में व्यक्ति पर कोई केस बनता ना दिखे. जब कोर्ट ने 19 हजार पेज की चार्जशीट पढ़ी और तमाम बातों को परखा, उसी के बाद ही तय किया कि कोई केस नहीं है. कोर्ट ने अपने निर्णय से विरोध करने और असहमति जताने के अधिकार को बरकरार रखा. 

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नताशा नरवाल, देवांगना और आसिफ को लेकर जस्टिस गुप्ता ने कहा कि इन तीनों की तरह हजारों ऐसे छात्र हैं, जो सड़कों पर प्रदर्शन करना चाहते हैं. लेकिन अगर इनपर UAPA लगाएं या फिर जेल में डाल दें, तो वह दबाव महसूस करते हैं. लेकिन हर किसी में इन तीनों की जैसी हिम्मत नहीं है.  

जस्टिस गुप्ता ने दिल्ली हिंसा के मामलों को लेकर कहा कि पुलिस का एक्शन निचले लेवल पर नहीं बल्कि ऊपरी लेवल से तय किया जाता है, हर किसी को इसके बारे में जानकारी है. 

गौरतलब है कि फरवरी, 2020 में राजधानी दिल्ली में हुई हिंसा के आरोप में पिंजड़ा तोड़ ग्रुप की सदस्य नताशा नरवाल, देवांगना कलिता और आसिफ इकबाल को गिरफ्तार किया गया था, इनपर UAPA के तहत एक्शन लिया गया था. 

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