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'अमीरों' ने किया जमकर खर्च, कोरोना काल में 'सुपर लग्जरी कार' की सेल में 100% का इजाफा

इस लिस्ट में लैम्बोर्गिनी, ऑडी, मर्सिडीज जैसी कंपनियां शामिल हैं जिन पर कोरोना और उसकी वजह से लगाए गए लॉकडाउन का कोई असर नहीं पड़ा.

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'सुपर लग्जरी कार' की सेल में 100% का इजाफा (सांकेतिक तस्वीर)
'सुपर लग्जरी कार' की सेल में 100% का इजाफा (सांकेतिक तस्वीर)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • लैम्बोर्गिनी ने पिछले साल की तुलना में डबल गाड़ियां बेची
  • मार्केट में जल्द 15 नए प्रोडक्ट लाने जा रही मर्सिडीज
  • पैसेंजर व्हीकल्स की मांग में भारी कमी, खर्चे में कटौती

कोरोना महामारी ने देश की अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया है. हर सेक्टर में मंदी है, चारो तरफ नुकसान ही नुकसान है और समाज का एक वर्ग पाई-पाई के लिए भी मोहताज हो रहा है. लेकिन फिर भी एक सेक्टर ऐसा है जिसने इस महामारी के दौर में भी जबर्दस्त मुनाफा कमाया है. ऑटो सेक्टर में जो कंपनियां सुपर लग्जरी गाड़ियां बेच रही हैं, उन्हें जबर्दस्त फायदा हुआ है. ऐसा फायदा कि उनकी सेल में 100% तक का इजाफा हो गया.

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इस लिस्ट में लैम्बोर्गिनी, ऑडी, मर्सिडीज जैसी कंपनियां शामिल हैं जिन पर कोरोना और उसकी वजह से लगाए गए लॉकडाउन का कोई असर नहीं पड़ा. लैम्बोर्गिनी के आंकड़े बताते हैं कि पिछले वित्तीय वर्ष में कंपनी ने अकेले भारत में अपनी गाड़ी के 26 यूनिट बेचे हैं. वहीं उससे पहले कंपनी सिर्फ 13 यूनिट बेचने में सफल रही थी. ऐसे में 100% सेल में इजाफा देखा गया. भारत में लैम्बोर्गिनी कंपनी के हेड शरद अग्रवाल ने अपनी सक्सेस स्टोरी के बारे में विस्तार से बताया है.

वे कहते हैं कि हम दूसरी कंपनियों की तुलना में काफी बेहतरीन कर रहे हैं. हम ये कह सकते हैं कि दूसरी कंपनियां काफी पीछे छूट गई हैं. अब ये आत्मविश्वास ही बताने के लिए काफी है कि कंपनी ने काफी मुनाफा कमाया है.

अब कंपनी ने तो मुनाफा कमाया है, लेकिन इससे एक बात और स्पष्ट हो जाती है. अमीरों को लॉकडाउन ने भी परेशान नहीं किया है. उनकी तरफ से खर्चों में ज्यादा कटौती नहीं की गई. सिर्फ मध्यमवर्गीय समाज को ही नुकसान भुगतना पड़ा है.

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'अमीरों' ने किया जमकर खर्च

वैसे लैम्बोर्गिनी के अलावा मर्सिडीज के भी कोरोना काल में अच्छे दिन रहे हैं. अब बताया जा रहा रहा है कि कंपनी जल्द मार्केट में अपने 15 नए प्रोडक्ट लाने जा रही है. वहीं आठ प्रोडक्ट तो इस साल लॉन्च भी किए जा चुके हैं. ऐसे में मर्सिडीज को भी ज्यादा नुकसान होता नहीं दिखा है. इस बारे में कंपनी के सीईओ Martin Schwenk ने बताया कि हमें हर डिपार्टमेंट में अच्छी डिमांड देखने को मिली है. लग्जरी गाड़ियों में तो काफी अच्छी स्थिति है. हमारी एक E-Class sedan भी आने वाली है, उसको लेकर भी बेहतरीन माहौल है. उन्होंने ये भी उम्मीद जताई है कि जैसे-जैसे अनलॉक होगा, मार्केट में स्थिति और बेहतर होती जाएगी.

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पैसेंजर व्हीकल्स की डिमांड में भारी कमी

लग्जरी कारों में से एक ऑडी ने भी इस महामारी के दौर में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है और बहुत जल्द अपनी नई गाड़ियों को बाजार में उतारने जा रहा हैं. ऐसे में इन तमाम लग्जरी गाड़ियों की डिमांड ज्यादा रही है और इस वजह से इन बड़ी कंपनियों की आर्थिक स्थिति दूसरों की तुलना में ज्यादा बेहतर रह.

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लेकिन जो फायदा लग्जरी कार मेकर्स को हुआ है, वैसा ही रिटेलर्स के लिए नहीं कहा जा सकता. उन पर कोरोना की मार पड़ी है. उनकी सेल्स में भी 71 प्रतिशत का ड्रॉप देखा गया है. इसकी बड़ी वजह ये रही है कि पैसेंजर व्हीकल्स की डिमांड में भारी कमी आ गई है क्योंकि मध्यम वर्ग का खर्च करना कम हुआ है, इसका सीधा असर पैसेंजर व्हीकल्स की सेल पर पड़ा है.
 

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