बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की 'सनातन हिंदू एकता पदयात्रा' नौवें दिन ओरछा धाम में समाप्त हो गई. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदू समाज को जात-पात से ऊपर उठकर एकजुट करने के लिए इस पदयात्रा की शुरुआत 21 नवंबर को बागेश्वर धाम से की थी. उनकी 160 किलोमीटर की इस पदयात्रा का अंतिम पड़ाव ओरछा में रामराजा दरबार रहा. इस दौरान उन्होंने आजतक से खास बातचीत में कई ज्वलंत मुद्दों पर अपनी राय रखी.
संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा में जान गंवाने वाले चार युवकों के लिए मुआवजे की मांग की जा रही है. इसे लेकर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, 'आतंकवादियों को मुआवजा देना, आतंक को बढ़ावा देना है. कानून पर हाथ उठाना मतलब आतंकवाद करना. इससे लगता है कि इनके ऊपर के आका इस देश के कानून को हाथ में लेना चाहते हैं. वक्फ की आड़ में दंगे कराये जा रहे हैं. वक्फ बोर्ड देश तोड़ने के लिए है.'
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बांग्लादेश में हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी की देशद्रोह के आरोप में हुई गिरफ्तारी पर वहां की इस्कॉन सोसाइटी ने किनारा कर लिया है. बांग्लादेश की इस्कॉन सोसाइटी ने कहा कि उनका चिन्मय दास से कोई संबंध नहीं है. इस मुद्दे पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, 'हिंदू होने के नाते इस्कॉन को चिन्मय दास का सपोर्ट करना चाहिए.' धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, 'इस्कॉन में तो हिंदू रहते हैं ना? चिन्मय दास को इस्कॉन से बेदखल किया ठीक है, पर वह हिंदू तो है ना? हिंदू होने के नाते इस्कॉन को उनका समर्थन करना चाहिए. चिन्मय भी तो मंत्रों का जाप करता होगा, उस नाते तो उसका सपोर्ट करो.'
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार और हिंदू संत की गिरफ्तारी पर भारत के स्टैंड की तारीफ की. उन्होंने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाना बहुत रूरी है. क्योंकि भारत ने बांग्लादेश को आजाद कराने में सहयोग किया है. वहां के हिंदुओं को भी अब घरों से बाहर निकलकर शठे शाठ्यं समाचरेत् (जैसे को तैसा जवाब), जैसा व्यवहार करना चाहिए. वर्ना वे खत्म हो जाएंगे.' वक्फ बोर्ड पर शास्त्री ने कहा, 'इस देश की अपनी शिक्षा प्रणाली है. इतने सारे शिक्षा बोर्ड हैं. एक देश में एक ही शिक्षा व्यवस्था होनी चाहिए.'
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, 'भारत में शिक्षा के लिए वक्फ की जरूरत नहीं है, नहीं है, नहीं है. यहां सरकारी शिक्षा भी मुफ्त है, राशन मुफ्त है. वे इसका पूरा मजा लेते हैं, इसलिए वक्फ बोर्ड की आवश्यकता नहीं है. वक्फ की आड़ में भूमाफिया बन गए हैं, उसकी आड़ में देश में दंगे कराये जा रहे हैं, उसकी आड़ में 5-5 लाख का मुआवजा वक्फ की जमीनों से दिया जा रहा है. इसलिए वक्फ बोर्ड की आवश्यकता नहीं है. देश को तोड़ने के लिए वक्फ बोर्ड है.'