कर्नाटक के बेंगलुरु में फंड अलॉटमेंट को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच सियासत शुरू हो गई है. दरअसल, सरकार ने राजधानी के सभी विधानसभा क्षेत्रों को 10-10 करोड़ रुपये अलॉट किए हैं. लेकिन इस लिस्ट में बेंगलुरु के इकलौते विधायक के क्षेत्र का नाम शामिल नहीं है.
बता दें कि फंड अलॉटमेंट डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने किया है. जिस बीजेपी विधायक के इलाके को फंड नहीं दिया गया है, उनका नाम राममूर्ति है और वह जयानगर क्षेत्र से विधायक हैं. कांग्रेस सरकार के इस फैसले पर बीजेपी ने जमकर निशाना साधा है. बीजेपी ने कहा है कि कांग्रेस को वोट न देने के लिए पार्टी ने जयनगर के लोगों को दंड दिया है.
क्यों दिये जा रहे 10 करोड़ रुपये?
फंड में जो 10 करोड़ रुपये दिये जा रहे हैं, उसका इस्तेमाल पार्क, सड़क और नालियां बनाने में किया जाना है. राज्य के बीजेपी अध्यक्ष विजयेंद्र ने कहा,'डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार बेंगलुरु के विकास के लिए निर्धारित बजट में बेंगलुरु के 27 निर्वाचन क्षेत्रों के प्रभारी मंत्री भी हैं. उन्होंने अपने विवेक से सभी क्षेत्रों को 10 करोड़ रुपये का अनुदान जारी करने का सुझाव दिया है. लेकिन जयानगर विधानसभा क्षेत्र को छोड़ देने से यह संदेह पैदा हो गया है कि भाजपा विधायकों की मौजूदगी के कारण जानबूझकर भेदभावपूर्ण अपनाई गई है.'
बीजेपी स्टेट चीफ ने उठाए सवाल
विजयेंद्र ने कहा,'ऐसे समय में राजनीति करना अच्छी बात नहीं है, जब हमें हाल ही में बेंगलुरु में हुई बारिश की मरम्मत गड्ढों वाली सड़कों को बंद करने और बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने की चुनौती का सामना करने के लिए गैर-पक्षपाती तरीके से काम करना पड़ रहा है.'