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'दीदी ने बचपन से ही काफी संघर्ष किया', Draupadi Murmu की जीत पर क्या बोले उनके भाई?

द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) ने राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया है. उनकी जीत पर देशभर में जश्न का माहौल है. इस बीच उनके भाई का रिएक्शन भी आ गया है. वह ओडिशा में रहते हैं.

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द्रौपदी मुर्मू के भाई की प्रतिक्रिया आई
द्रौपदी मुर्मू के भाई की प्रतिक्रिया आई
स्टोरी हाइलाइट्स
  • देश की 15वीं राष्ट्रपति होंगी द्रौपदी मुर्मू
  • यशवंत सिन्हा को बड़े अंतर से हराया

NDA उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति चुनाव जीत गई हैं. उन्होंने विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को हराया है. आदिवासी समुदाय के आने वाली द्रौपदी मुर्मू की जीत पर देशभर में खुशियां मन रही हैं. इस बीच द्रौपदी मुर्मू के भाई तारिनिसेन टुडु (Tarinisen Tudu) की प्रतिक्रिया भी आ गई है. उन्होंने बहन की जीत पर खुशी जताई है.

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Draupadi Murmu के भाई तारिनिसेन टुडु ने कहा, 'मुझे खुशी है कि मेरी बहन, एक आदिवासी महिला राष्ट्रपति पद का चुनाव जीत गई है. इससे ज्यादा खुशी की बात क्या हो सकती है. यहां ओडिशा में भी लोग काफी खुश हैं. उन्होंने अपने बचपन से ही काफी संघर्ष किया है. उनका जीतना सबके लिए प्रेरणा स्रोत है. तारिनिसेन टुडु ने कहा कि वह परसों (शनिवार को) अपनी बहन से मिलने दिल्ली जाएंगे.'

एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति इलेक्शन तीसरे राउंड की गिनती में ही जीत लिया है. इसी राउंड में उन्होंने राष्ट्रपति बनने के लिए जरूरी 50 फीसदी वोट पा लिये. जबकि एक राउंड की गिनती बाकी थी.

कुल तीनों राउंड की बात करें तो कुल वोट 3219 थे. इनकी वैल्यू 8,38,839 थी. इसमें से द्रौपदी मुर्मू को 2161 वोट (वैल्यू 5,77,777) मिले. वहीं यशवंत सिन्हा को 1058 वोट (वैल्यू 2,61,062) मिले.

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ओडिशा में जन्मीं द्रौपदी मुर्मू

द्रौपदी मुर्मू का जन्म 1958 में ओडिशा के मयूरभंज में हुआ था. 1979 में उन्होंने भुवनेश्वर के रमादेवी कॉलेज से बीए की पढ़ाई की थी. फिर 1997 में वह राजनीति में उतरीं और बीजेपी में शामिल हो गईं. इसी साल वह पार्षद बनीं. फिर 2000 में वह रायरंगपुर से विधायक चुनी गईं. उसी साल उनको ओडिशा की राज्य सरकार में मंत्री बनाया गया. विधायक के तौर पर उन्होंने अच्छा काम किया था. इसलिए 2009 में वह दोबारा विधायक चुनी गईं. इसके बाद 2015-2021 तक वह झारखंड की राज्यपाल रहीं.

 

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