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Corona vaccination: सोमवार से 15-18 साल के बच्चों को लगेगी वैक्सीन, यूपी में 1 करोड़ 40 लाख बच्चे, ऐसे किया गया ड्राई रन

उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में 3 जनवरी से 15-18 साल के बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा. इसको लेकर जगह-जगह वैक्सीनेशन का ड्राई रन कर लिया गया है. प्रदेश में बच्चों के वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन की शुरुआत 01 जनवरी से हो चुकी है.

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वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन की शुरुआत 01 जनवरी से हो चुकी है.
वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन की शुरुआत 01 जनवरी से हो चुकी है.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • वैक्सीनेशन का ड्राई रन पूरा
  • सोमवार से किशोरों का वैक्सीनेशन

कोरोना वायरस के लगातार बढ़ रहे मामलों और इसके नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के बीच 15 से 18 साल के किशोर-किशोरियों को कोविड वैक्सीन लगाने के फैसले ने लोगों को बड़ी राहत दी है. उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में 3 जनवरी से 15-18 साल के बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा. इसको लेकर जगह-जगह वैक्सीनेशन का ड्राई रन कर लिया गया है. प्रदेश में बच्चों के वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन की शुरुआत 01 जनवरी से हो चुकी है. बच्‍चों के टीकाकरण के लिए कोविन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन संग स्लॉट बुकिंग भी करवा सकते हैं. इसके लिए दसवीं का आईडी कार्ड मान्य होगा.

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सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने रविवार को स्वास्थ्य विभाग को केंद्र के अधिकारियों से संपर्क में रहने के आदेश दिए हैं. स्टेट इम्मयूनाइजेशन ऑफिसर डॉ. अजय घई ने बताया कि उत्‍तर प्रदेश में 15 से 18 साल की उम्र के करीब एक करोड़ 40 लाख बच्‍चे हैं. हालांकि. किस जिले में कितने किशोरों को वैक्सीन लगनी है? इसका एक अलग डेटा तैयार किया जा रहा है.

कैसे होगी वेक्सीनेशन की पूरी प्रक्रिया?

  • इस पूरी प्रक्रिया में सबसे पहले बच्चों को अपने cowin app पर किया गया रजिस्ट्रेशन रजिस्ट्रेशन डेस्क पर दिखाना पड़ेगा. इसके बाद बिलिंग डेस्क पर जाकर वहां से बिल लिया जाएगा. और फिर बिल लेकर बच्चों के माता-पिता के साथ वैक्सीनेशन जोन में जाएंगे.
     
  • वैक्सीनेशन जोन में सबसे पहले बच्चों का vital test किया जाएगा. इस वाइटल टेस्ट में बच्चों की बेसिक हेल्थ यानी कि उनकी हाइट, उनका वजन और ब्लड प्रेशर इत्यादि चेक किया जाएगा. सब कुछ सही होने के बाद बच्चों से एक कंसेंट फॉर्म भरवाया जाएगा. इसके बाद एक डिक्लेरेशन फॉर्म भी भरवाया जाएगा जिसमें उन्हें पूछा जाएगा कि उन्हें किसी तरह की कोई कॉम्प्लिकेशंस या बीमारी तो नहीं है?
     
  • यदि ऐसा कुछ होता है तो बच्चों को सबसे पहले चाइल्ड स्पेशलिस्ट के पास पीडियाट्रिक्स जोन में भेजा जाएगा. इस जोन में चाइल्ड स्पेशलिस्ट बच्चों को कंसल्ट करेंगे और उन्हें वैक्सीनेशन को लेकर आगे किस तरह की प्रक्रिया फॉलो करनी है? वह बताएंगे.
  • इसके बाद कोवैक्सीन रूम में भेजा जाएगा. कोवैक्सीन जोन में डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ बच्चों को समझाएंगे कि बच्चों को कौन-सी वैक्सीन लगनी है, किस तरह से उन्हें अपना ध्यान रखना है, और बेसिक covid प्रोटोकॉल का पालन किस तरह से किया जाना है. यह सब समझाने के बाद उन्हें वैक्सीन का पहला डोज दिया जाएगा.
     
  • वैक्सीन का पहला डोज देने के बाद बच्चे बाहर वेटिंग रूम इंतजार करेंगे. यदि किसी बच्चे को किसी तरह के कोई कॉम्प्लिकेशंस आते हैं या उन्हें किसी तरह की कोई भी तकलीफ होती है तो उन्हें AEFI रूम में ले जाया जाएगा. यहां पर ऑक्सीजन से लेकर इमरजेंसी ट्रीटमेंट तक सभी सुविधाएं दी गई हैं.
Noida का वैक्सीनेशन सेंटर


फेलिक्स हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. डीके गुप्ता ने बताया कि यह वैक्सीनेशन सेंटर 24 घंटे खुला रहने वाला सेंटर है. पहले दिन के लिए ही पूरी तरह से बुक हो चुका है. एक दिन में करीब 500 बच्चों को टीका लगाया जा सकता है.
 
लखनऊ में 3 लाख से अधिक बच्‍चों का होगा टीकाकरण

लखनऊ जिले में करीब 3 लाख से अधिक बच्चे वैक्सीनेशन के लिए योग्य हैं, जिनका टीकाकरण किया जाएगा. लखनऊ में पीजीआई, बलरामपुर, सिविल, रानी लक्ष्मीबाई, लोकबंधु, ठाकुरगंज टीबी हॉस्पिटल, केजीएमयू, डफरिन, लोहिया, महानगर भाऊराव देवरस समेत अन्य अस्पतालों में टीकाकरण की सुविधा होगी. इसके अलावा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी बच्चों को टीका लगेगा.

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18 वर्ष से अधिक आयु की 50 फीसदी आबादी का टीकाकरण पूर्ण

प्रदेश में टीकाकरण की रफ्तार तेजी के साथ बढ़ रही है, जिसका ही परिणाम है कि अब तक प्रदेश के 20 करोड़ से अधिक लोगों को टीके की डोज दी जा चुकी हैं, जिसमें 12 करोड़ से अधिक पहली डोज और 07 करोड़ से अधिक दूसरी डोज शामिल हैं. बता दें कि प्रदेश में 18 वर्ष से अधिक आयु की 50 फीसदी आबादी का टीकाकरण पूर्ण हो गया है. प्रदेश में 87.05 प्रतिशत को पहली डोज और 50.11 फीसद को दूसरी डोज दी जा चुकी है.

माघ मेले के लिए RTPCR रिपोर्ट अनिवार्य

प्रदेश में 14 से शुरू होने वाले माघ मेले को लेकर सीएम ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कोविड प्रोटोकॉल का कड़ाई के साथ पालन कराया जाए. माघ मेले में आने वाले लोगों के लिए आरटीपीसीआर रिपोर्ट को अनिवार्य कर दिया गया है. इसके साथ ही मास्‍क और टीके की दोनों डोज ले चुके लोगों को मेले में एंट्री दी जाएगी. 

 

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