चुनाव आयोग ने मंगलवार को चार राज्यों में खाली हुईं राज्यसभा की 6 सीटों के लिए 20 दिसंबर को उपचुनाव की घोषणा की. वाईएसआरसीपी (YSRCP) के तीन राज्यसभा सांसदों वेंकटरमण राव मोपिदेवी, बीधा मस्तान राव यादव और रयागा कृष्णैया ने अगस्त में उच्च सदन की अपनी सदस्यता छोड़ दी थी. इस कारण आंध्र प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए उपचुनाव की जरूरत पड़ी.
राज्यसभा सदस्य के रूप में बीधा मस्तान राव यादव और रयागा कृष्णैया का कार्यकाल 21 जून, 2028 को समाप्त होना था, जबकि वेंकटरमण राव मोपीदेवी को 21 जून, 2026 को सेवानिवृत्त होना था. ओडिशा में बीजेडी के राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार ने उच्च सदन की अपनी सदस्यता छोड़ दी थी, जिस कारण यहां उपचुनाव कराना पड़ रहा है. सुजीत को बीजू जनता दल ने पार्टी से निष्कासित कर दिया था. राज्यसभा में उनका कार्यकाल 2 अप्रैल, 2026 को समाप्त होना था.
अपनी सीटें खाली करने वाले राज्यसभा सांसद
सदस्य का नाम | राज्य |
वेंकटरमण राव मोपिदेवी | आंध्र प्रदेश |
बीधा मस्तान राव यादव | आंध्र प्रदेश |
रयागा कृष्णैया | आंध्र प्रदेश |
सुजीत कुमार | ओडिशा |
जवाहर सरकार | पश्चिम बंगाल |
कृष्ण लाल पंवार | हरयाणा |
टीएमसी के जवाहर सरकार ने अप्रैल में कोलकाता में एक महिला डॉक्टर के बलात्कार-हत्या के बाद राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था, जिससे पश्चिम बंगाल में एक पद खाली हो गया. उनका कार्यकाल अप्रैल 2026 तक था. भाजपा के कृष्ण लाल पंवार ने हाल के हरियाणा चुनाव में विधायक चुने जाने के बाद अपनी राज्यसभा सीट छोड़ दी थी. इस कारण यहां उपचुनाव की जरूरत पड़ी.
हालिया विधानसभा चुनावों के बाद, राज्यसभा उपचुनावों में आंध्र प्रदेश में टीडीपी और ओडिशा में बीजेपी का पलड़ा भारी रहेगा. पश्चिम बंगाल में टीएमसी और हरियाणा में भाजपा का दबदबा देखने को मिलेगा. राज्यसभा उपचुनावों के लिए 10 दिसंबर नामांकन की आखिरी तारीख है. 13 दिसंबर पर नामांकन वापस लिया जा सकेगा. 20 दिसंबर को सुबह 9 से शाम 4 बजे तक वोट डाले जाएंगे और उसी दिन नतीजे घोषित होंगे.