प्रवर्तन निदेशालय(ED) ने श्रीलंका के नागरिकों से ड्रग्स और हथियार बेचकर इकट्ठा की गई 3.59 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त किया है. श्रीलंका में आतंकी संगठन लिट्टे को एक बार फिर से पुनर्जीवित करने की योजना बनाई गई थी.
कुर्क की गई संपत्ति में छह प्लॉट, 12 वाहन, नकद और बैंक डिपॉज़िट शामिल हैं. यह संपत्ति सुरेश राज, सतकुनम, रमेश ए और सुंदरराजन की हैं.
18 मार्च, 2021 को, इंडियन कोस्ट गार्ड ने भारत के जल क्षेत्र के अंदर, लक्षद्वीप में मिनिकॉय द्वीप के पास श्रीलंका की एक फिंशिंग बोट 'रविहंसी' को रोका था. नाव की तलाशी ली गई जिसमें भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री पाई गई थी. इसमें पांच असॉल्ट राइफल और एक हजार 9 एमएम के गोला बारूद के साथ, 300 किलो हेरोइन भी मिली थी.
इसके बाद, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जांच अपने हाथ में ली और श्रीलंका के नागरिकों और अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की. NIA द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर, ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की.
ईडी ने आरोप लगाया है कि श्रीलंकाई नाव 'रविहंसी' में तस्करी किए गए ड्रग्स और हथियार, भारतीय नागरिक सुरेश, सतकुनम और उनके सहयोगियों के लिए थे. उन्होंने यह भी कहा इस ड्रग्स बेचने के बाद मिले पैसे का इस्तेमाल ड्रग्स की अगली खेप की खरीदी के लिए किया जाना था. साथ ही इस पैसे से प्रतिबंधित आतंकी संगठन लिट्टे को पुनर्जीवित करने की भी योजना थी.
अधिकारियों के मुताबिक, 'जांच में यह भी पता चला है कि सुरेश राज ए और सतकुनम पहले भी इसी तरह के अपराध में शामिल रहे हैं और इन्हें रमेश और सुंदरराजन का पूरा सपोर्ट है. सुरेश राज ए. और सतकुनम को इससे पहले नशीले पदार्थों के एक मामले में दोषी ठहराया गया था.'