लैंड फॉर जॉब स्कैम में लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव, तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों को समन जारी कर चुकी है. इस बीच जांच एजेंसी ED की चार्जशीट भी सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि लालू प्रसाद यादव ने अपने परिवार के सदस्यों/सहयोगियों राबड़ी देवी, मीसा भारती, हेमा यादव और अमित कत्याल के साथ मिलकर प्रोसीड ऑफ क्राइम यानी अपराध से अर्जित आय के लिए मेसर्स ए के इन्फोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के इस्तेमाल या अपने स्टाफ सदस्यों जैसे हृदयानंद चौधरी या ललन चौधरी के माध्यम से ज़मीन खरीद या लेनदेन में अपनी संलिप्तता को छिपाने की साजिश रची.
ईडी ने बताया है कि नौकरी के लिए जमीन घोटाले में अपनी संलिप्तता को छिपाने का प्रयास करते हुए लालू प्रसाद यादव ने 29.01.2024 को अपने बयान के दौरान दावा किया कि भोला यादव ने उनके कार्यकाल के दौरान कभी भी उनके ओएसडी के रूप में काम नहीं किया जबकि भोला यादव ने अपने बयान में उनका ओएसडी होना कबूल किया था. तेजस्वी प्रसाद यादव का मेसर्स एबी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रमुख शेयरधारक और मेसर्स ए के इंफोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड के शेयरधारक के तौर पर बयान पीएमएलए, 2002 की धारा 50 के तहत दिनांक 11.04.2023 और 30.01.2024 को दर्ज किया गया.
इसमें तेजस्वी यादव ने कहा कि मेसर्स ए के इंफोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स ए बी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनियां किसी भी व्यावसायिक गतिविधियों में शामिल नहीं हैं. उन्हें इनमें से किसी भी कंपनी से कभी वेतन नहीं मिला है. तेजस्वी ने बताया कि वो अमित कत्याल को 2007 से जानते हैं उनकी मुलाकात नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह और आईपीएल पार्टियों में हुई थी.
तेजस्वी ने कहा कि निदेशक के रूप में काम करने के लिए उन्हें कोई वेतन नहीं मिला है और कंपनियों द्वारा कोई व्यावसाय नहीं किया हुआ है, बोर्ड मीटिंग के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि दोनों कंपनियों में कोई व्यावसायिक गतिविधि नहीं है और उन्हें पिछले 8 वर्षों से बोर्ड मीटिंग का कोई विवरण याद नहीं है.
तेजस्वी ने कंपनियों के बारे में जानकारी नहीं होना बताया
उनसे पूछा गया कि 10.03.2023 को सर्च और जब्ती अभियान के दौरान मेसर्स ए के इंफोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स ए बी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित पंजीकृत पते यानी डी-1088, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, नई दिल्ली पर एक भी व्यवसाय से संबंधित दस्तावेज क्यों नहीं मिला, जिसके बारे में तेजस्वी ने जांच एजेंसी को खुलकर कुछ नहीं बताया. जब उनसे फिर से पूछा गया कि उनका परिवार डी-1088, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, नई दिल्ली में रह रहा है, जो वास्तव में मेसर्स ए के इंफोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स ए बी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड का आधिकारिक पता है, तो उन्होंने कंपनियों के मामलों के बारे में जानकारी ना होने की बात कहते हुए जवाब देने से इनकार किया.
दिल्ली में किया निवेश
ED द्वारा दोनों कंपनियों के वर्तमान निदेशक शरीकुल बारी के साथ संबंधों के बारे में पूछे जाने पर तेजस्वी ने कहा कि वह उन्हें अपने पिता लालू प्रसाद यादव के जरिये लंबे समय से जानते हैं जो राजनीति में सक्रिय थे. हालांकि, उन्होंने कंपनी में अपनी नियुक्ति के संबंध में उनके साथ किसी भी तरह के संवाद से इनकार किया. उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने ही 2011 में सुमन कुमार नायक को मेसर्स ए बी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड का वैधानिक लेखा परीक्षक नियुक्त किया था, लेकिन उन्हें मेसर्स ए के इन्फोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड में वैधानिक लेखा परीक्षक के रूप में उनकी नियुक्ति के बारे में कोई जानकारी नहीं थी.
ईडी ने बताया कि तेजस्वी प्रसाद यादव ने जानबूझकर इन कंपनियों का इस्तेमाल अपराध से अर्जित आय प्राप्त करने के लिए किया और डी-1088, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी भी इसी का हिस्सा है. तेजस्वी प्रसाद यादव ने पूछताछ में ख़ुद कबूल किया कि उन्होंने डी-1088, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, नई दिल्ली के निर्माण और अन्य खर्चों में पैसों का निवेश किया है.