प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब नेशनल बैंक (PNB) धोखाधड़ी मामले में नीरव मोदी और उनकी कंपनियों के समूह की 29.75 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है. जब्त की गई संपत्तियों में अचल संपत्तियां और बैंक बैलेंस शामिल हैं, जो भारत और विदेशों में पहले से जब्त की गई 2596 करोड़ रुपये की संपत्ति के अतिरिक्त हैं. इसके अलावा, मुंबई की एक विशेष अदालत ने भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के तहत 692.90 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है.
CBI की एफआईआर के बाद शुरू की गई ईडी जांच में नीरव मोदी और उनके सहयोगियों की घरेलू संपत्तियों की पहचान हुई है, जिन्हें पीएमएलए, 2002 के तहत जब्त किया जा रहा है.
एजेंसी ने 100 करोड़ रुपये की संपत्ति को बरामद भी किया है. पीएनबी और कंसोर्टियम बैंकों सहित ऐसे बैंक जिनसे कर्ज लिए गए थे उनको 1052.42 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया गया है. नीरव मोदी और उसके संबंधित संस्थाओं के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई हैं.
नीरव मोदी पर चल रहे आपराधिक मामले
नीरव मोदी के बुरे दिनों की शुरुआत साल 2019 में हुई थी. जब पंजाब नेशनल बैंक ने उस पर और उसके मामा मेहुल चोकसी पर बैंक कर्मचारियों की मदद से 13,500 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगाया था. इसके बाद से ही दोनों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा शुरू की गई और 19 मार्च 2019 को उसे होलबोर्न से गिरफ्तार कर लिया गया था. हीरा कारोबारी पर देश में कई आपराधिक मामले चल रहे हैं. जिनमें PNB में धोखाधड़ी, पीएनबी को चूना लगाकर अर्जित की गई आय की कथित मनी लॉन्ड्रिंग और सीबीआई की कार्रवाई से जुड़े सबूतों-गवाहों से छेड़छाड़ से संबंधित है.