गोवा के कैश फॉर जॉब्स घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ECIR) दर्ज कर ली है. इस मामले में 21 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. ये वो लोग हैं, जो नौकरी की चाह रखने वालों और उनके परिवार के सदस्यों को झांसा देते थे. जानकारी के मुताबिक ये लोग राज्य सरकार के विभागों में नौकरी का लालच दिया करते थे.
बता दें कि कैश फॉर जॉब्स घोटाले को लेकर उत्तरी गोवा में 20 एफआईआर और दक्षिण गोवा में 13 एफआईआर दर्ज की गई हैं. इन आरोपियों पर नौकरी दिलाने का वादा करके पैसे लेने और इसके बाद भी नौकरी न दिलवाने का आरोप है. गोवा पुलिस ने इन मामलों में 21 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि दर्ज एफआईआर में कई लोग वांटेड हैं.
आम आदमी पार्टी ने लगाए थे आरोप
बता दें कि हाल ही में इस मामले को लेकर देशव्यापी हंगामा खड़ा हो गया था. आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया था कि गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भर्ती रैकेट को लीड कर रहे हैं. AAP ने यह भी दावा किया था कि घोटाला मुख्यमंत्री के घर तक फैला हुआ है और इसमें उनकी पत्नी और अन्य बीजेपी नेताओं का भी हाथ है.
संजय सिंह ने कही थी ये बात
AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने 5 दिसंबर को कहा था कि वह संसद में इस मुद्दे को उठाएंगे और मामले में जांच की भी मांग करेंगे. उन्होंने आरोप लगाया था कि गोवा, बीजेपी शासन से पीड़ित है. नौकरी हासिल करने के लिए बेताब युवा रोजगार अवसरों के लिए रिश्वत देने के लिए मजबूर हैं.