देश के चार राज्यों—झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में शुक्रवार को ईडी की टीमों ने एक साथ 12 से अधिक जगहों पर छापेमारी की. यह कार्रवाई आयुष्मान भारत योजना में कथित फर्जीवाड़े और वित्तीय गड़बड़ियों के चलते की गई है.
यह छापेमारी इन आरोपों के बाद की जा रही है कि कुछ अस्पतालों ने बिना मरीजों को भर्ती किए ही भारी-भरकम बिल बनाकर भुगतान ले लिया. यानी इलाज हुआ नहीं, फिर भी बीमा राशि निकाल ली गई.
सीएजी रिपोर्ट में आई थी गड़बड़ी सामने
इस घोटाले की बुनियाद तो 2023 में संसद में पेश CAG (कैग) रिपोर्ट में ही रख दी गई थी, जिसमें झारखंड में आयुष्मान योजना में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार का खुलासा किया गया था. रिपोर्ट में बताया गया था कि सिर्फ झारखंड में ही कम से कम 212 अस्पतालों ने बिना मरीजों के भर्ती हुए बीमा राशि हड़प ली. यानी दस्तावेजों में मरीज थे, पर असल में नहीं.
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12.3 करोड़ गरीब परिवार इस योजना के तहत कवर किए गए हैं. प्रत्येक परिवार को 5 लाख रुपये तक की मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है. योजना को अब 70 वर्ष से ऊपर के सभी नागरिकों के लिए विस्तारित कर दिया गया है.