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हैसिंडा प्रोजेक्ट्स से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED की छापेमारी, करोड़ों के हीरे और नकदी जब्त

यह छापेमारी हासिंडा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, उसके प्रमोटरों और संबंधित संस्थाओं द्वारा 'लोटस 300' प्रोजेक्ट्स के घर खरीदारों के साथ की गई धोखाधड़ी के आरोपों के जवाब में की गई, जिसमें अनुमानित 426 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई थी.

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(सांकेतिक तस्वीर)
(सांकेतिक तस्वीर)

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हैसिंडा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में छापेमारी कर 42.56 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है. अधिकारियों ने बुधवार को इसकी जानकारी दी. ईडी ने सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी मोहिंदर सिंह के आवास सहित दिल्ली, नोएडा, मेरठ, चंडीगढ़ और गोवा में 18 स्थानों पर छापा मारा. मोहिंदर सिंह नोएडा प्राधिकरण के सीईओ के रूप में कार्यरत थे.

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यह छापेमारी हासिंडा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, उसके प्रमोटरों और संबंधित संस्थाओं द्वारा 'लोटस 300' प्रोजेक्ट्स के घर खरीदारों के साथ की गई धोखाधड़ी के आरोपों के जवाब में की गई, जिसमें अनुमानित 426 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई थी.

इलाहाबाद HC के निर्देशों के बाद शुरू हुई जांच

ईडी अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई संपत्तियों में 85 लाख रुपये की नकदी, 29.35 करोड़ रुपये के सोने और हीरे के आभूषण, 5.26 करोड़ रुपये का एक सॉलिटेयर हीरा, 7.1 करोड़ रुपये के हीरे के आभूषण और बड़ी संख्या में करोड़ों रुपये की संपत्ति के दस्तावेज शामिल हैं. यह जांच इलाहाबाद हाई कोर्ट के निर्देशों और आर्थिक अपराध शाखा (Economic Offenses Wing), नई दिल्ली की ओर से दर्ज की गईं कई एफआईआर के बाद शुरू की गई थी. 

'पैसों की हेराफेरी के सबूत मिले'

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ईडी के एक अधिकारी ने कहा, 'छापेमारी हैसिंडा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, क्लाउड 9 प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, सुरप्रीत सिंह सूरी, विदुर भारद्वाज, निर्मल सिंह, आदित्य गुप्ता, आशीष गुप्ता और मोहिंदर सिंह सहित अन्य के ऑफिस और घरों पर की गई.' अधिकारियों ने बताया कि ईडी को मनी लॉन्ड्रिंग और निवेशकों के पैसों की हेराफेरी के सबूत मिले हैं.

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