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कब हुआ? कैसे हुआ?... लैंड फॉर जॉब स्कैम और लालू परिवार की मुश्किलें, 5 सवाल-जवाब में पूरी कहानी

Land For Job Scam: लैंड फॉर जॉब स्कैम में सीबीआई के बाद अब ईडी का एक्शन शुरू हो गया है. शुक्रवार को ईडी ने लालू यादव और उनके करीबियों के ठिकानों पर छापेमारी की. ईडी ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था. पांच सवाल-जवाब के जरिए जानिए इस पूरे घोटाले की कहानी क्या है?

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लैंड फॉर जॉब स्कैम में लालू यादव की मुश्किलें बढ़ती जा रहीं हैं. (फाइल फोटो)
लैंड फॉर जॉब स्कैम में लालू यादव की मुश्किलें बढ़ती जा रहीं हैं. (फाइल फोटो)

Land For Job Scam: जमीन के बदले नौकरी घोटाला यानी लैंड फॉर जॉब स्कैम मामले में लालू यादव और उनके परिवार की मुश्किलें बढ़ती जा रहीं हैं. लैंड फॉर जॉब स्कैम मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी एक्शन शुरू कर दिया है.

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ईडी ने शुक्रवार को दिल्ली, बिहार और यूपी के 15 ठिकानों पर छापेमारी की है. ये छापेमारी लालू यादव और उनके करीबियों के ठिकानों पर की गई. बताया जा रहा है कि ईडी ने दिल्ली में फ्रेंड्स कॉलोनी में तेजस्वी यादव के घर पर भी रेड मारी है. पटना में आरजेडी के पूर्व विधायक अबु दोजाना के घर पर भी ईडी की टीम पहुंची है.

इससे पहले सीबीआई ने लालू यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी से पूछताछ की थी. ईडी ने इस मामले में सीबीआई की शिकायत पर प्रिवेन्शन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज किया है. 

लैंड फॉर जॉब स्कैम मामले में लालू परिवार को 15 मार्च को दिल्ली की अदालत में भी पेश होना है. बीते महीने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटी मीसा भारती को समन जारी किया था.

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ऐसे में ये समझना जरूरी है कि लैंड फॉर जॉब स्कैम क्या है? लालू परिवार इसमें किस तरह फंसा हुआ है? और ये सारा खेल कैसे हुआ?

1. क्या है लैंड फॉर जॉब स्कैम?

- ये घोटाला 14 साल पुराना है. तब केंद्र में यूपीए की सरकार थी और लालू यादव रेल मंत्री थे. इस मामले में पिछले साल 18 मई को सीबीआई ने केस दर्ज किया था.

- सीबीआई के मुताबिक, लोगों को पहले रेलवे में ग्रुप डी के पदों पर सब्सटीट्यूट के तौर पर भर्ती किया गया और जब जमीन का सौदा हो गया तो इन्हें रेगुलर कर दिया गया.

- सीबीआई ने जांच में ये भी पाया कि रेलवे में सब्सटीट्यूट की भर्ती का कोई विज्ञापन या पब्लिक नोटिस भी जारी नहीं किया गया था. लेकिन जिन परिवारों ने लालू परिवार को अपनी जमीन दी, उनके सदस्यों को मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर में नियुक्त कर दिया गया.

2. कितने लोगों से जमीन ली?

- सीबीआई का कहना है कि लालू परिवार ने सात उम्मीदवारों के परिवारों से जमीन ली और फिर उन्हें रेलवे में नौकरी दी गई.

- लालू यादव के परिवार ने इन सातों उम्मीदवारों के परिवारों से 1.05 लाख वर्ग फीट जमीन ली थी. इन जमीनों का सौदा नकद में हुआ था. सीबीआई के मुताबिक, ये जमीनें बेहद कम दाम में बेची गई थीं.

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- कुल मिलाकर लालू यादव एंड फैमिली ने कथित तौर पर 7 उम्मीदवारों को जमीन के बदले नौकरी दी थी. इनमें से पांच जमीनों की बिक्री हुई थी, जबकि दो गिफ्ट के तौर पर दे दी गई थीं. 

3. वो 7 डील, जिसमें फंस गया लालू परिवार?

# डील 1: सीबीआई ने शुरुआती जांच में पाया था कि 6 फरवरी 2008 को पटना के रहने वाले किशुन देव राव ने अपनी 3,375 वर्ग फीट की जमीन राबड़ी देवी के नाम पर की थी. ये जमीन 3.75 लाख रुपये में बेची गई. उसी साल राव के परिवार के तीन सदस्यों राज कुमार सिंह, मिथिलेश कुमार और अजय कुमार को मुंबई में ग्रुप डी में भर्ती किया गया.

# डील 2: नवंबर 2007 में पटना की रहने वालीं किरण देवी ने अपनी 80,905 वर्ग फीटी की जमीन लालू यादव की बेटी मीसा के नाम पर कर दी. ये सौदा 3.70 लाख रुपये में हुआ. बाद में उनके बेटे अभिषेक कुमार को मुंबई में सब्स्टीट्यूट के तौर पर भर्ती किया गया

# डील 3: मार्च 2008 में ब्रज नंदन राय ने 3,375 वर्ग फीटी की जमीन गोपालगंज के रहने वाले ह्रदयानंद चौधरी को 4.21 लाख रुपये में बेच दी. ह्रदयानंद चौधरी को 2005 में हाजीपुर में सब्स्टीट्यूट के तौर पर भर्ती किया गया था. बाद में ह्रदयानंद चौधरी ने ये जमीन तोहफे में लालू यादव की बेटी हेमा के नाम पर कर दी. सीबीआई ने जांच में पाया कि ह्रदयानंद चौधरी, लालू यादव का रिश्तेदार नहीं था और जिस समय ये जमीन दी गई, उस समय उसकी कीमत 62 लाख रुपये थी.

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#डील 4: पटना के महुआबाग में रहने वाले संजय राय ने फरवरी 2008 में 3,375 वर्ग फीट का प्लॉट राबड़ी देवी को बेच दिया था. ये डील 3.75 लाख रुपये में हुई थी. सीबीआई ने जांच में पाया कि इसके बदले संजय राय और उनके परिवार के दो सदस्यों को रेलवे में नौकरी दी गई.

#डील 5: पटना के रहने वाले हजारी राय ने फरवरी 2007 में 9,527 वर्ग फीट जमीन एके इन्फोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड को बेच दी. जमीन की बिक्री 10.83 लाख रुपये में हुई. बाद में हजारी राय के दो भतीजों दिलचंद कुमार और प्रेमचंद कुमार को रेलवे में नौकरी मिली. जांच में सामने आया कि 2014 में एके इन्फोसिस्टम की सारी संपत्तियां और अधिकार राबड़ी देवी और मीसा भारती के पास चले गए. 2014 में राबड़ी देवी ने इस कंपनी के ज्यादातर शेयर खरीद लिए और डायरेक्टर बन गईं.

#डील 6: मई 2015 में पटना के रहने वाले लाल बाबू राय ने 13 लाख रुपये में 1,360 वर्ग फीट की जमीन राबड़ी देवी को बेच दी थी. सीबीआई की जांच में सामने आया कि 2006 में लाल बाबू राय के बेटे लाल चंद कुमार को रेलवे में सब्स्टीट्यूट के तौर पर भर्ती किया गया था.
 
#डील 7: मार्च 2008 में विशुन देव राय ने अपनी 3,375 वर्ग फीट जमीन सिवान के रहने वाले ललन चौधरी को बेच दी. उसी साल ललन के पोते पिंटू कुमार को पश्चिमी रेलवे में सब्स्टीट्यूट के तौर पर भर्ती किया गया. इसके बाद फरवरी 2014 में ललन ने ये जमीन लालू यादव की बेटी हेमा यादव को दे दी.

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4. कब हुआ ये सारा खेल?

- 2004 से 2009 में केंद्र में यूपीए सरकार थी. उस सरकार में लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थी. जमीन के बदले नौकरी का ये सारा खेल उसी दौरान हुआ. 

- सीबीआई ने इस मामले में लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटी मीसा यादव और हेमा यादव समेत कुछ उम्मीदवारों को आरोपी बनाया है.

- सीबीआई का आरोप है कि लालू प्रसाद यादव जब रेल मंत्री थे, तब उन्होंने ग्रुप डी में सब्स्टीट्यूट के तौर पर भर्ती के बदले जमीनें लीं. ये जमीनें लालू यादव ने अपने परिजनों के नाम कराईं. 

- सीबीआई ने आरोप लगाया है कि लालू यादव जब रेल मंत्री थे, तो उन्होंने जमीन के बदले सात अयोग्य उम्मीदवारों को रेलवे में नौकरी दी.

- ED के मुताबिक, कुछ उम्मीदवारों के आवेदन को अप्रूव करने में जल्दबाजी दिखाई गई. कुछ आवेदनों को तीन दिनों में ही अप्रूव कर दिया गया. पश्चिम मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे ने उम्मीदवारों के आवेदनों को बिना पूरे पते के भी अप्रूव कर दिया और नियुक्त कर दिया.

5. अब तक क्या-क्या हुआ?

- पिछले साल 18 मई को सीबीआई ने केस दर्ज किया था. जुलाई में सीबीआई ने भोला यादव को गिरफ्तार किया था, जो लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुए उनके ओएसडी थे. 

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- पिछले साल ही 10 अक्टूबर को सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें 16 लोगों को आरोपी बनाया गया था.

- इस साल 27 फरवरी को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू फैमिली समेत 14 आरोपियों को समन जारी किया है. सभी आरोपियों को 15 मार्च को अदालत में पेश होने को कहा गया है. 15 मार्च को अदालत सभी आरोपियों से पूछताछ करेगी और उसके बाद आरोप तय किए जाएंगे.

 

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