केरल के एर्नाकुलम के कालामसेरी स्थित एक कन्वेंशन सेंटर हुए धमाकों की जिम्मेदारी लेने वाले डोमिनिक मार्टिन नामक शख्स को गिरफ्तार कर लिया गया है. उसे यूएपीए, विस्फोटक अधिनियम और हत्या के आरोप के तहत गिरफ्तार किया गया है. केरल धमाकों के कुछ घंटे बाद उसने त्रिशूर जिले के कोडकारा पुलिस स्टेशन में यह दावा करते हुए सरेंडर किया कि उसने ही कन्वेंशन सेंटर में बम लगाया था. इससे पहले उसने फेसबुक लाइव करके धमाकों के पीछे की वजह भी बताई है. उसका दावा है कि वो भी ईसाई धर्म के यहोवा के साक्षी समूह से संबंधित है. लेकिन उसको उनकी विचारधारा पसंद नहीं है. उन्हें वो देश के लिए खतरा मानता है. क्योंकि वो लोग देश के युवाओं के दिमाग में जहर घोल रहे हैं. इसलिए उसने उनकी प्रार्थना सभा के दौरान बम ब्लास्ट किया है.
डोमिनिक मार्टिन ने फेसबुक लाइव के दौरान ये भी कहा कि उसने खोजने की जरूरत नहीं है. वो खुद इन धमाकों की जिम्मेदारी लेते हुए पुलिस के सामने सरेंडर करने जा रहा है. फेसबुक लाइव में मार्टिन ने कहा, ''मैं यहोवा के साक्षियों के उपदेशों से सहमत नहीं हूं, हालांकि मैं उनमें से ही एक हूं, लेकिन उनकी विचारधारा खतरनाक है. ये समूह देश के लिए घातक है. वो लोग छोटे बच्चों के दिमाग में जहर फैला रहे हैं. उनकी विचारधारा गलत है. वो झूठ फैला रहे हैं. आज कन्वेंशन सेंटर में प्रार्थन सभा के दौरान जो कुछ हुआ है, मैं उसकी पूरी जिम्मेदारी लेता हूं. किसी को मेरी तलाश में आने की जरूरत नहीं है, क्योंकि मैं खुद पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने जा रहा हूं.''
पुलिस ने कंफर्म किया था मार्टिन का नाम
केरल पुलिस ने रविवार को कंफर्म कर दिया कि त्रिशूर जिले के कोडकारा पुलिस स्टेशन में सरेंडर करने वाले शख्स का नाम डोमिनिक मार्टिन है. उससे पुलिस हिरासत में पूछताछ की गई. धमाके के बाद सूबे के सभी 14 जिलों के पुलिस कप्तानों को अपने इलाकों में सख्त सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश जारी किए गए. केरल पुलिस सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर बनाए हुए है. पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलाने वालों, सांप्रदायिक और संवेदनशील पोस्ट डालने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.
एर्नाकुलम के कलामसेरी में ईसाई समुदाय के यहोवा के साक्षी समूह की प्रार्थना सभा हो रही थी. रविवार को तीन दिन की प्रार्थना सभा का आखिरी दिन था. कन्वेंशन सेंटर में दो हजार से ज्यादा लोग मौजूद थे. सुबह करीब 9.30 बजे एक के बाद एक तीन धमाके हुए. हर तरफ अफराफरी मच गई. खबर मिलते ही केंद्रीय गृहमंत्रालय भी तुरंत हरकत में आ गया. कोच्चि से एक एनआईए की टीम को एर्नाकुलम के लिए रवाना कर दिया गया. गृहमंत्री अमित शाह ने तुरंत केरल के सीएम पिनराई विजयन को फोन मिलाया. हालांकि, वो केरल की बजाए दिल्ली में ही मौजूद थे. वो दिल्ली में गाजा पर हमले के विरोध में प्रदर्शन में हिस्सा लेने आए हुए थे.
बदल जाएगी धमाकों के जांच की दिशा
डोमिनिक मार्टिन द्वारा एर्नाकुलम धमाकों की जिम्मेदारी लेने के बाद जांच की दिशा बदल सकती है. अभी तक इसे बड़े परिपक्ष्य में देखा जा रहा था. क्योंकि इजरायल और हमास के बीच चल रही जंग के बीच देश में मौजूद कुछ जगहों पर हमले की आशंका जताई गई थी. इस संबंध में खुफिया एजेंसियों ने भी अलर्ट जारी किया था. यही वजह है कि धमाकों के तुरंत बाद एनआईए की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई. दिल्ली से एनएसजी की एक स्पेशल टीम भी जांच के लिए गई है. इस टीम में एनएसजी के आठ अफसर मौजूद हैं. केरल पुलिस केंद्रिय जांच एजेंसियों की मदद के लिए तत्पर है. घटनास्थल पर पुलिस के आलाधिकारी मौजूद हैं. डीजीपी डॉ. शेख दरवेश साहब भी पहुंच गए हैं.
धमाकों में दो की मौत, 41 लोग घायल
केरल के एर्नाकुलम स्थित कन्वेंशन सेंटर में हुए बम धमाकों में 2 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 41 लोग घायल बताए जा रहे हैं. 5 लोगों की हालत गंभीर है. जानकारी के मुताबिक, एक शख्स की तो वारदात के वक्त ही मौत हो गई थी, जबकि दूसरे की इलाज के दौरान अस्पताल में हुई है. वारदात के बाद अन्य घायलों की तरह थोडुपुझा की मूल निवासी कुमारी (53) को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था. वो 90 फीसदी तक जल चुकी थी. उनका आईसीयू में इलाज चल रहा था, लेकिन कुछ देर पहले निधन की सूचना सामने आई.