नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने रविवार को तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. मोदी 3.0 कैबिनेट में इस बार कई नए चेहरों को जगह मिली है. एनडीए के सहयोगी दलों को भी कैबिनेट में शामिल किया गया है. गुरुग्राम लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद राव इंद्रजीत सिंह रविवार को लगातार तीसरी बार केंद्रीय मंत्री बने हैं. उन्हें सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार),
योजना मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और संस्कृति मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है. आइए जानते हैं कि राव इंद्रजीत सिंह कौन हैं और उनका अब तक राजनीतिक सफर कैसा रहा है.
कौन हैं राव इंद्रजीत सिंह?
कभी कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेताओं में शामिल रहे राव इंद्रजीत सिंह 6 बार सांसद और 4 बार के विधायक हैं. उन्होंने 2014 में लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी का दामन थामा था. राव इंद्रजीत सिंह, राव तुला राम के वंशज हैं, जो 19वीं सदी में अहीरवाल क्षेत्र के राजा थे. उनके पिता राव बीरेंद्र सिंह 1967 में हरियाणा के दूसरे मुख्यमंत्री रहे थे और उन्होंने विशाल हरियाणा पार्टी नाम की पार्टी बनाई थी, जिसका बाद में कांग्रेस में विलय हो गया था.
यह भी पढ़ें: शिवराज चौहान की मोदी कैबिनेट में एंट्री, कैसा रहा है राजनीतिक सफर?
राव इंद्रजीत सिंह मोदी सरकार के दो मंत्रालयों में राज्य मंत्री (MoS) रह चुके हैं और UPA सरकार में रक्षा और विदेश मामलों के MoS थे.
दिल्ली यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई...
रामपुरा में जन्मे राव इंद्रजीत सिंह ने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से स्नातक किया और 26 साल की उम्र में राजनीति में आने से पहले कानून की डिग्री हासिल की. उन्होंने विशाल हरियाणा पार्टी के टिकट पर रेवाड़ी के जटूसाना से विधानसभा चुनाव लड़ा.
सियासत के अलावा, राव इंद्रजीत सिंह एक शौकीन निशानेबाज हैं. वो भारतीय निशानेबाजी टीम के सदस्य बने और दक्षिण एशियाई महासंघ खेलों में तीन स्वर्ण पदक हासिल किए. राव इंद्रजीत सिंह के हलफनामे के मुताबिक, उनके पास 121.7 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जो पिछले चुनाव में उनकी घोषित संपत्ति से तीन गुना ज्यादा है.
इस बार के लोकसभा चुनाव में राव इंद्रजीत सिंह 75,079 वोटों के अंतर से जीते, जो 2019 में उन्हें मिले 3.86 लाख वोटों के अंतर से बहुत कम है. इस बार उन्हें 50.48 प्रतिशत वोट मिले थे.