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Exclusive: IG का खुलासा, टनल के लिए सीमा के पास जंगल लगा रहा PAK

BSF के आईजी ने दावा किया कि पाकिस्तान बाहरी देशों की मदद से टनल बना रहा है जिसका इस्तेमाल आतंकियों की घुसपैठ कराने के लिए किया जा रहा है. जवाब में हमने एंटी टनलिंग ड्राइव चला रखा है, इसे कैम्पेन के तौर पर लिया. पिछले 3-4 महीनों में हमने 3-4 टनल को एक्सपोज भी किया है.

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BSF ने कठुआ में पाकिस्तान की ओर आ रही सुरंग का भंडाफोड़ किया (पीटीआई)
BSF ने कठुआ में पाकिस्तान की ओर आ रही सुरंग का भंडाफोड़ किया (पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 'बॉर्डर के पास टनल बनाने में पाकिस्तान रेंजर्स की मदद'
  • आईजी का दावा- ऐसे टनल बनाने में लगते हैं एक महीने
  • 370 के खत्मे के बाद में घुसपैठ की कोशिश बढ़ी-IG

पाकिस्तान की ओर टनल बनाने को लेकर बढ़ रही सक्रियता को देखते हुए सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने एंटी टनलिंग ड्राइव चला रखा है, जिसमें काफी कामयाबी मिली है. बीएसएफ के आईजी ने खुलासा किया कि पाकिस्तान की ओर से भारत की सीमा से सटे इलाकों में जानबूझकर घने जंगल और बड़े-बड़े पेड़ लगाए जा रहे हैं ताकि उसकी आड़ में टनल बनाई जा सके और उससे आतंकियों की घुसपैठ करवाई जा रही है.

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बीएसएफ के जम्मू रेंज के आईजी एनएस जामवाल ने आजतक/इंडिया टुडे से कहा कि महानिदेशक के निर्देश पर BSF अब एंटी टनलिंग ड्राइव चला रही है. उन्होंने कहा कि महानिदेशक, बीएसएफ की तरफ से हमें निर्देश मिले हैं. हमने एंटी टनलिंग ड्राइव चला रखा है, हमने इसे कैंपेन के तौर पर लिया है.

पिछले 3-4 महीनों में हमने 3-4 टनल को एक्सपोज भी किया है. सांबा और कठुआ में उसी कैंपेन का नतीजा है कि हमने हीरानगर सेक्टर में टनल खोज निकाली है, ये टनल करीब 150 मीटर लंबी है. यह पाकिस्तान के शकरगढ़ में जाती है और फिर पाकिस्तान से भारत की तरफ आती है. इस टनल की गहराई 25 से 30 फुट है. पाकिस्तान की मार्किंग है.

महानिदेशक से मिले आईजी

भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर पाकिस्तान की तरफ से घुसपैठ के लिए बनाए जा रहे टनल का खुलासा होने के बाद BSF के जम्मू रेंज के IG जामवाल दिल्ली पहुंचे और गुरुवार को उन्होंने BSF के महानिदेशक (DG) राकेश अस्थाना को पूरे मामले में ब्रीफ किया.

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बीएसएफ के जम्मू रेंज के आईजी एनएस जामवाल

आईजी जामवाल ने कहा कि जहां से ये टनल एक्सपोज हुई है, वहां पाकिस्तान ने डेलिब्रेटरी जंगल बना कर रखा हुआ जिसमें वो इस प्रकार की कार्रवाई करते रहते हैं. उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि ये जो उनकी टनल की मुहिम है वो एक सोची समझी रणनीति के तहत चल रही है. इसमें पूरी पाकिस्तान की एस्टेब्लिशमेंट का हाथ है.

बीएसएफ के आईजी ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि इस टनल को बनाने में आतंकी हो सकते हैं, लेकिन इसमें पूरी एस्टेब्लिशमेंट की सपोर्ट है क्योंकि बॉर्डर के पास टनल बनाना पाकिस्तान रेंजर्स के बिना मुमकिन नहीं है. ISI के बिना सपोर्ट के मुमकिन नहीं क्योंकि इस तरह की टनल बनाने में 1 महीना लगता है.

उन्होंने कहा कि मेरा मानना ही नहीं बल्कि पूरा कनविक्शन है कि इसमें एक कहीं न कहीं एक्सटर्नल कंट्री की हेल्प ली गई. जिस प्रकार से इसकी फिनिशिंग है, जिस प्रकार से अंजाम दिया है वो प्रॉपर इंजीनियरिंग एफर्ट लगी है वो इस टनल में है तो ये पक्का है कि जो लोग इस प्रकार के टनल को बनाते हैं वो पाकिस्तान के बाहर से ट्रेनिंग लेकर आते हैं.

क्या चीन की तरफ इशारा?

उन्होंने कहा कि कोई भी हो सकता है जिनके पाकिस्तान से अच्छे रिलेशन हैं या जो लोग भारत को डिस्टर्ब करना चाहते हैं और इस प्रकार की असिटेंस्ट दी गई होगी.

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क्या चाइनीज फुट प्रिंट मिले

आईजी ने कहा, 'ये कहना मुश्किल है कि कौन लोग इसमें इन्वॉल्व हैं लेकिन मेरा स्ट्रांग कनविक्शन है कि इसमें कहीं न कहीं बाहर के लोग इन्वॉल्व हैं. इस तरह के टनल टेररिस्ट मूवमेंट्स और ड्रग्स और हथियारों के लिए इस्तेमाल  के लिए कर रहे हैं.'

बीएसएफ के आईजी जामवाल ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि हाल के दिनों में आतंकी घुसपैठ और BAT की टीम की मूवमेंट्स को हमने ट्रैप किया है. कुछ रिकॉर्डिंग भी हमारे पास है जिसमें उनका BAT ग्रुप भारत के काफी करीब पहुंच गया था लेकिन BSF के जवान काफी अलर्ट थे और उन्होंने फायर किया जिससे वो भाग गए.

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उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 के खत्म होने के बाद में हमने काफी घुसपैठ नोटिस की है, लेकिन पाकिस्तान ने एक प्रकार से साजिश के तहत बॉर्डर पर एक ट्री लाइन बनाई है, जंगल लगाया है ताकि घुसपैठ कराई जाए. पाकिस्तान के पोस्ट उनको हेल्प करते हैं. एक नेक्सस है पाकिस्तान एस्टेब्लिशमेंट का स्मगलर का और टेररिस्ट का जो देखने में आया है.

आईजी जामवाल ने कहा कि पाकिस्तान ने इस प्रकार के पॉकेट छोड़ रखे हैं जिसमें सिविलियन भी अलाउड नहीं होते हैं. वहां से बीएसएफ पर अटैक करना शामिल है. पिछले 3-4 महीने के अंदर ऐसे कुछ प्रयास हुए जिसमें पाकिस्तान की तरफ से घुसपैठ हो रही थी और हमारे कैमरों ने उनको पकड़ा. फिर बीएसएफ ने फायरिंग की तो वो भाग निकले. ये अक्सर हम देख रहे हैं कि वो आते हैं और उनका मकसद बॉर्डर के पास से रॉकेट से बीएसएफ पर फायरिंग कर उनको नुकसान पहुंचाना होता है.

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उन्होंने कहा कि सीमापार हो रही गतिविधियों के बारे में हमने बीएसएफ डीजी को सब कुछ ब्रीफ किया है और डीजी ने आदेश किया है कि इसी तरह से एंटी टनलिंग ड्राइव चलाई जाए.

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