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Exclusive: 'बाबरी मस्जिद फिर बनाएंगे...', पाकिस्तानी आतंकियों का नया प्रोपेगेंडा, रिक्रूटमेंट के लिए बना डाली वेबसाइट

इंडिया टुडे की ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) टीम ने इस नए ऑनलाइन इस्लामिक कट्टरपंथी मॉड्यूल का पता लगाया है. यह ऑनलाइन नेटवर्क भारतीय मुस्लिम युवाओं से भारत में जिहाद छेड़ने, बाबरी मस्जिद का दोबारा निर्माण करने का आह्वान करता है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

भारत के युवाओं का ब्रेनवॉश करने के लिए पाकिस्तान में बैठे आतंकियों ने एक वेबसाइट तैयार कर ली है. इस वेबसाइट के जरिए वह भारत में रिक्रूटमेंट करने की कोशिश में लगे हैं. इस मॉड्यूल के केंद्र में पाकिस्तानी आतंकी फरहतुल्लाह गोरी को रखा गया है. यह आतंकी रामेश्वरम कैफे और 2002 के अक्षरधाम मंदिर हमलों से जुड़ा हुआ है.

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इंडिया टुडे की ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) टीम ने इस नए ऑनलाइन इस्लामिक कट्टरपंथी मॉड्यूल का पता लगाया है. यह ऑनलाइन नेटवर्क भारतीय मुस्लिम युवाओं से भारत में जिहाद छेड़ने, बाबरी मस्जिद का दोबारा निर्माण करने का आह्वान करता है. वह कुछ कंटेंट क्रिएटर्स और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी निशाना बनाने की बात कहता है.

एक नए रजिस्टर्ड वेबसाइट और सिग्नल मैसेंजर पर एक प्राइवेट ग्रुप इस मॉड्यूल के केंद्र में है, जो फेसबुक, इंस्टाग्राम, डेलीमोशन, इंटरनेट आर्काइव, यूट्यूब, साउंडक्लाउड और एक ब्लॉग के जरिए कट्टरपंथी विचार फैला रहा है.

पाकिस्तान में रहता है गोरी

हमारी डिजिटल फोरेंसिक रिसर्च में पाया गया है कि वेबसाइट 3 दिसंबर, 2024 को रजिस्टर्ड की गई. इसमें आतंकवादी फरहतुल्लाह घोरी की आवाज के साथ कई वीडियो हैं. गोरी वर्तमान में पाकिस्तान में रहता है. वेबसाइट के शुरुआती पृष्ठ पर लिखा है 'आइए बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण का संकल्प लें.' आज तक ने कट्टरपंथी प्रचार को और ज्यादा फैलने से रोकने के लिए वेबसाइट डोमेन और लिंक किए गए सोशल मीडिया अकाउंट को यहां मेंशन नहीं किया है.

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सौत अल हक ग्रुप में 63 सदस्य

इस साइट का उद्देश्य 'लोगों को जिहाद और प्रतिरोध' के मार्ग पर जागृत करना है. यह संभावित सदस्यों को सुरक्षित मैसेजिंग प्लेटफॉर्म सिग्नल पर एक निजी समूह में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता है, जिसका नाम 'सौत अल हक' है. रिपोर्ट को प्रकाशित करने के समय इस ग्रुप में 63 सदस्य थे.

देशभक्ति की राह छोड़ने को कहा

वेबसाइट में बाबरी मस्जिद विध्वंस की सालगिरह पर गौरी को वीडियो जारी कर कहते सुना जा रहा है कि मुस्लिम युवाओं से देशभक्ति का रास्ता छोड़ देना चाहिए. इसमें जिहाद अपनाने और इस्लाम के लिए बलिदान देने का आग्रह किया गया है. वीडियो में गोरी कहता है,'एक दिन, भगवान की इच्छा से राम मंदिर मलबे में बदल जाएगा. मुसलमानों कुरान से प्रेरणा लेकर भारत में हिंसक आतंकवादी हमले करने का आह्वान करें. क्योंकि सिर्फ सोशल मीडिया पर (भड़काऊ सामग्री) पोस्ट करने से बदलाव नहीं आएगा.'

ब्लास्ट के आरोपी की प्रशंसा

एक अन्य वीडियो में गोरी उस व्यक्ति की प्रशंसा करता है, जिसे पिछले साल मार्च में बंगलुरु के रामेश्वरम कैफे में बम रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. उसने अकेले ही विस्फोट की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया था. एजेंसियों को उसे पकड़ने में डेढ़ महीने लग गए थे. घोरी अनुभवी जिहादियों की कमी पर अफसोस जताता है और स्वीकार करता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केंद्र में सत्ता संभालने के बाद से भारत में हमले करना मुश्किल हो गया है. एक अन्य वीडियो में कट्टरपंथी मुस्लिम युवाओं से हयात तहरीर अल-शाम (HTS) से प्रेरणा लेने का आह्वान करता नजर आ रहा है.

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पिछले साल 19 वीडियो किए जारी

कुछ फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट से भी यही वीडियो प्रसारित किए गए हैं. घोरी भारत के इंटरनेट पर दुष्प्रचार फैलाने में सबसे आगे रहा है. उसने पिछले साल 19 दुष्प्रचार वीडियो जारी किए हैं.

कौन है फरहतुल्लाह घोरी?

घोरी, जिसे अबू सुफियान, सरदार साहब और फारू के नाम से भी जाना जाता है, कई हाई-प्रोफाइल हमलों से जुड़ा हुआ है. इसमें गुजरात में 2002 का अक्षरधाम मंदिर हमला भी शामिल है, जिसमें 30 से ज्यादा लोग मारे गए थे और 80 अन्य घायल हो गए थे. वह हैदराबाद में टास्क फोर्स ऑफिस पर 2005 में हुए आत्मघाती हमले के पीछे भी था.

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