scorecardresearch
 

महाराष्ट्र सरकार का यू-टर्न, आत्महत्या करने वाले किसानों के परिजनों को मिलती रहेगी राहत राशि

सरकार की तरफ से जो जीआर जारी किया गया था उसमें कहा गया था कि जिला स्‍तर की समितियां आत्‍महत्‍या करने वाले किसानों की परिजनों को तुरंत मदद नहीं कर सकेंगी. आत्‍महत्‍या करने वाले किसानों के परिवारों को इस आदेश के पहले राज्‍य सरकार की तरफ से एक लाख रुपये की राह‍त राशि दी जाती थी. विपक्ष ने इसपर हंगामा किया था.

Advertisement
X
महाराष्ट्र सरकार ने लिया यू-टर्न (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)
महाराष्ट्र सरकार ने लिया यू-टर्न (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

महाराष्ट्र में इसी साल विधानसभा के चुनाव होने हैं. इसी बीच राज्य सरकार ने अपने एक फैसले पर यू-टर्न लिया है. दरअसल, महाराष्‍ट्र के राजस्व विभाग ने एक आदेश जारी कर कहा गया था कि जो किसान खुदकुशी करेंगे, उनके परिजन को राहत राशि नहीं दी जाएगी. इस आदेश पर विपक्षी दलों ने हंगामा किया था. इसके बाद सरकार ने अपने फैसले को वापस ले लिया. 

Advertisement

जानें क्या था आदेश जिसपर विपक्ष हुआ हमलावर

जानकारी के अनुसार, मंगलवार को आत्महत्या करने वाले किसानों के परिजन की मदद में इमरजेंसी फंड की मंजूरी रोकने के लिए एक सरकारी संकल्प (जीआर) जारी किया था. यह एक तरह का सरकारी आदेश था. इस आदेश का सर्कुलर सभी संभागीय आयुक्तों और जिला कलेक्टरों को भेजा गया था. इस योजना के तहत आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों को आर्थिक मदद दी जाती है. इस योजना से राज्य के मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्र के लोगों को मदद मिलती रही है. लेकिन जब राजस्व विभाग ने इसे रोकने का फैसला किया तो विपक्ष ने खूब हंगामा किया. बाद में सरकार ने इसे वापस ले लिया. 

एक लाख रुपये की मिलती थी मदद

सरकार की तरफ से जो जीआर जारी किया गया उसमें कहा गया था कि जिला स्‍तर की समितियां आत्‍महत्‍या करने वाले पीड़‍ितों की तुरंत मदद करने में समर्थ नहीं हो सकेंगी. आत्‍महत्‍या करने वाले किसानों के परिवारों को इस आदेश के पहले राज्‍य सरकार की तरफ से एक लाख रुपये की राह‍त राशि दी जाती थी. इस नए सर्कुलर के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया. विपक्ष ने राज्‍य सरकार पर आरोप लगाया है लाडकी बहिन योजना की वजह किसानों के विरोध में यह फैसला लिया गया है. विपक्ष की मानें तो मुख्‍यमंत्री एकनाथ शिंदे की सरकार ने 45 हजार करोड़ रुपये इस योजना के लिए रख लिए हैं. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: 'महाराष्ट्र के DNA में कांग्रेस की विचारधारा, हम कराएंगे जातिगत जनगणना', सांगली में बोले राहुल गांधी

विपक्ष ने उठाए थे सवाल

राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार के गुट के नेता जितेंद्र अव्हाड ने एक्‍स पर लिखा, 'आत्महत्या करने वाले किसानों के उत्‍तराधिकारियों के लिए राहत राशि बंद कर दी गई. राजस्व विभाग की तरफ से इस बाबत एक सर्कुलर भी जारी किया गया है. लड़की बहन योजना में किसानों की आत्महत्या की क्या वजह है? इस योजना के लिए निधि को लड़की बहन योजना में दे दिया गया?' 

बीजेपी नेता ने क्या कहा

बीजेपी के मंत्री सुधीर मुंगातिवार ने कहा, 'इस जीआर को निष्‍पक्ष तरीके से देखना चाहिए. इसके लिए लड़की बहिन योजना को क्‍यों दोष दिया जा रहा है. सरकार के लिए योजनाओं को चलाने के लिए पर्याप्‍त फंड मौजूद है.' मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद एकनाथ शिंदे ने राज्य को किसानों को आत्महत्या से मुक्त करने का संकल्प लिया था. पिछले छह महीनों में विदर्भ में 618 और मराठवाड़ा में 430 किसानों ने आत्महत्या की है

Live TV

Advertisement
Advertisement