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क्रेडिट कार्ड बनवाने या लिमिट बढ़वाने का लालच देकर करते थे ठगी, फरीदाबाद में असिस्टेंट बैंक मैनेजर समेत 8 गिरफ्तार

आरोपी पहले फोन करके क्रेडिट कार्ड देने की बात करते थे. जब दूसरी ओर से व्यक्ति कहता है कि उसके पास क्रेडिट कार्ड है, तो आरोपी उसकी लिमिट बढ़वाने के लिए कहता है. जब व्यक्ति इसके लिए तैयार हो जाता है, तो उसे एक लिंक भेजी जाती है. लिंक पर क्लिक करने के बाद ठगी का खेल शुरू हो जाता है.

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प्रतीकात्मक फोटो
प्रतीकात्मक फोटो

हर रोज ऑनलाइन ठगी के अलग अलग मामले सुनने को मिलते हैं. अब क्रेडिट कार्ड बनवाने या उसकी लिमिट बढ़वाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है. फरीदाबाद पुलिस ने एक ऐसे ही गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो  क्रेडिट कार्ड जारी करने या उनकी लिमिट बढ़ाने के नाम पर लोगों के साथ ठगी करता था. पुलिस ने गिरोह के 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. इनमें एक निजी बैंक का सहायक प्रबंधक और एक बैंक का कर्मचारी भी शामिल है. 

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पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 मोबाइल, दो डेबिट कार्ड, फर्जी दस्तावेजों से खरीदे गए चार सिम कार्ड और 44,000 रुपये नकद बरामद किए हैं. फरीदाबाद पुलिस के प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक, तुषार उर्फ ​​गोल्डी, अक्षय, विनय उर्फ ​​जोनी, रूपक, कुणाल, मनीष और रवीश कुमार के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक, रवीश कुमार असिस्टेंट बैंक मैनेजर है और नोएडा का रहने वाला है. जबकि अन्य आरोपी दिल्ली में रहते हैं. वहीं, कुणाल प्राइवेट बैंक का कर्मचारी है. 
 
पुलिस ने बताया कि अक्षय गैंग का सरगना है. वह दिल्ली में अपना कॉल सेंटर चलाता है. उसके सहयोगी लोगों को क्रेडिट कार्ड दिलाने में मदद करने के लिए कॉल करते थे. जब दूसरी ओर से व्यक्ति कहता है कि उसके पास क्रेडिट कार्ड है, तो आरोपी उसकी लिमिट बढ़वाने के लिए कहता है. 

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आरोपी इसके बाद एक ऐप की एपीके फाइल भेजते हैं और इसका इस्तेमाल कर 10 रुपये भेजने के लिए कहते हैं. जैसे ही कोई व्यक्ति 10 रुपये ट्रांसफर करता है, उसके बैंक खाते की डिटेल आरोपियों के पास पहुंच जाती है. इसके बाद आरोपी उसके खाते से पूरा पैसा उड़ा देते थे. 

आरोपी ने हाल ही में इसी तरीके से फरीदाबाद के एक व्यक्ति से 53,040 रुपये की ठगी की थी. साइबर क्राइम टीम ने आखिरकार पिछले तीन दिनों में दिल्ली, नोएडा और बिहार के विभिन्न स्थानों से इसके सदस्यों को गिरफ्तार करके गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया. सभी आरोपियों को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया. 

 


 

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