लखनऊ ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर देश के सभी इमामबाड़ों को खोले जाने की मांग की है. बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने एक पत्र लिखा है और कहा है कि इमामबाड़ों में मजलिसों की इजाजत दी जाए. इसके साथ ही कर्बला, मस्जिद और इमामबाड़ों में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ शब्बेदारी अदा की जा सके.
बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने आचार संहिता लागू होते ही सरकारी गाड़ी वापस कर दी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जेड प्लस सिक्योरिटी होने के कारण वाहन लौटने की बाध्यता नहीं है.
हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को बर्खास्त पीटीआई शिक्षकों के विरोध का सामना करना पड़ा है. हालांकि चरखी दादरी में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला का विरोध करने रेस्ट हाउस पहुंचे बर्खास्त पीटीआई शिक्षकों पर लाठीचार्ज भी किया गया. पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए आंसु गैस के गोले भी छोड़े. इस दौरान एक महिला टीचर घायल हो गई. बर्खास्त टीचर रेस्ट हाउस के सामने डट गए, जहां भारी पुलिस बल तैनात है.
Bihar: BJP workers beat up workers of Pappu Yadav's Jan Adhikar Party (JAP) as the two groups clash in Patna.
— ANI (@ANI) September 25, 2020
The brawl took place after JAP workers tried to enter BJP office in protest against recent #FarmBills. pic.twitter.com/xDNGFbcp2t
कृषि बिल के खिलाफ भारत बंद का पंजाब से हरियाणा तक असर देखने को मिल रहा है. किसानों की ओर से जगह-जगह चक्का जाम गया है. फरीदकोट में दूध, सब्जी, राशन की दुकान ,पेट्रोल पंप, बस स्टेंड ,छोटी-बड़ी दुकानें सब बंद हैं. फरीदकोट से दिल्ली नेशनल हाइवे 54 को पूरी तरह जाम किया गया है.
दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने सड़क को जाम कर दिया है और प्रदर्शन कर रहे हैं. नोएडा के एडिशनल डीसीपी का कहना है कि हमने ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया है, इसलिए लोगों को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा.
Noida: Members of Bhartiya Kisan Union block roads, stage protest near Delhi border against recent #FarmBills; police deployed.
— ANI UP (@ANINewsUP) September 25, 2020
Additional DCP Noida says," We have diverted traffic so that people do not face any inconvinience." pic.twitter.com/NnuKFqO7hJ
बिहार की राजधानी पटना में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जन अधिकार पार्टी (जेएपी) के कार्यकर्ताओं में झड़प हुई है. दरअसल, कृषि बिल के विरोध में जेएपी के कार्यकर्ता बीजेपी दफ्तर के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे और नारेबाजी कर रहे थे. इसी दौरान उनकी बहस बीजेपी कार्यकर्ताओं से हो गई. इसके बाद दोनों दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए.
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि किसान हमारे समाज की रीढ़ हैं और हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा पारित किसान बिल गलत दिशा में एक कदम है. यह समय सच्चाई के साथ खड़े होने का है.
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि किसानों से MSP छीन ली जाएगी. उन्हें कांट्रेक्ट फार्मिंग के जरिए खरबपतियों का गुलाम बनने पर मजबूर किया जाएगा. न दाम मिलेगा, न सम्मान. किसान अपने ही खेत पर मजदूर बन जाएगा. भाजपा का कृषि बिल ईस्ट इंडिया कम्पनी राज की याद दिलाता है. हम ये अन्याय नहीं होने देंगे.
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कृषि बिल के खिलाफ ट्रैक्टर रैली निकाली है. इस दौरान तेजस्वी ने कहा कि सरकार ने हमारे 'अन्नदात' को 'निधि दात' के माध्यम से कठपुतली बना दिया है. कृषि बिल किसान विरोधी है. सरकार ने कहा था कि वे 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करेंगे, लेकिन ये बिल उन्हें और गरीब बना देगा. कृषि क्षेत्र का कॉर्पोरेटकरण किया गया है.
दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है. दरअसल, कृषि बिल के खिलाफ किसानों ने आज भारत बंद बुलाया है. इसके बाद दिल्ली बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
कृषि बिल के खिलाफ सड़क पर उतरे किसानों को स्थानीय लोगों का सहयोग मिल रहा है. पंजाब के संगरूर के बाजार बंद हैं. दुकानदारों का कहना है कि हमने दुकानें खुद अपनी मर्जी से बंद की है, क्योंकि अगर किसान नहीं बचेगा तो हमारे पास कौन आएगा. हम भी मर जाएंगे इसलिए हम किसानों का सहयोग दे रहे हैं. ऐसा पहली बार हुआ है कि पंजाब बंद बुलाने पर इतने बड़े स्तर पर खुद दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद की हो, वरना दिन के समय प्रदर्शनकारी बाजार में जाकर दुकानें बंद करवाते हैं.
बिहार के कैमूर में जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन जारी है. कार्यकर्ताओं ने भभुआ रोड रेलवे स्टेशन पर रेलवे ट्रैक को जाम किया. आरपीएफ और जीआरपी के समझाने के बाद कार्यकर्ता रेलवे ट्रैक छोड़ फिर एनएच-2 पर पहुंचे और जाम लगा दिया. कृषि बिल को किसान विरोधी बताते हुए कार्यकर्ता भारत सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं.
किसानों की ओर से बुलाए गए भारत बंद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का एक वीडियो शेयर किया है. पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास किए, इसके बाद भी हाल ही में संसद में पारित कृषि विधेयक उनके लिए क्यों जरूरी हो गए थे. इस बारे में कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने विस्तार से बताया है. इसे हर किसी को जरूर देखना और सुनना चाहिए.
सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास किए, इसके बाद भी हाल ही में संसद में पारित कृषि विधेयक उनके लिए क्यों जरूरी हो गए थे। इस बारे में कृषि मंत्री @nstomar जी ने विस्तार से बताया है। इसे हर किसी को जरूर देखना और सुनना चाहिए-https://t.co/2QzutG9A3T
— Narendra Modi (@narendramodi) September 25, 2020
भारत बंद के चलते दिल्ली-चंडीगढ़ बस सेवा को बंद कर दिया गया है. किसानों के विरोध के चलते ट्रेन के पहिये भी थमे हैं. किसान मूवमेंट को लेकर अंबाला जिला प्रशासन चौकन्ना है और 5 बटालियन पुलिस को लगाया गया है. साथ ही रेलवे ट्रेक और स्टेशन की सुरक्षा में जीआरपी व आरपीएफ भी चौकस है. जिला प्रशासन ने प्रदर्शन की वीडियोग्राफी कराने की तैयारी की है.
कृषि बिल के विरोध में बुलाए गए भारत बंद का सबसे खास असर हाजीपुर में देखने को मिल राह है. गांधी सेतु के निकट NH 19 पर जाम लगाया गया है. सुबह से ही पप्पू यादव की पार्टी जन अधिकार पार्टी के समर्थक सड़क पर डटे हैं. बंद समर्थकों ने NH 19 को बंद करा दिया है. सड़कों पर टायर जला कर नारेबाजी की जा रही है.
पंजाब के अमृतसर में किसान मजदूर संघर्ष समिति का रेल रोको अभियान जारी है. किसान पूरी रात रेलवे ट्रैक पर ही डटे रहे और कृषि बिल का विरोध करते रहे. किसानों का कहना है कि हम 26 सितंबर तक रेल रोको अभियान चलाएंगे, उसके बाद भी अगर सरकार बिल वापस नहीं लेती है तो हम आगे की रणनीति बनाएंगे.
Punjab: Kisan Mazdoor Sangharsh Committee continues their 'rail roko' agitation in Amritsar, in protest against the #FarmBills.
— ANI (@ANI) September 25, 2020
The Committee is holding the 'rail roko' agitation from September 24 to 26 against the Bills. pic.twitter.com/NFfSCcWuO5
पंजाब सरकार तो कृषि बिल को लेकर जबरदस्त हमला बोल रही है. मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि किसान विरोधी बिल से उद्योगपतियों को फायदा है. वैसे विरोध के बीच NDA की सहयोगी JDU ने बिल का समर्थन किया है. गुरुवार को नीतीश कुमार ने विरोधियों को कहा कि वे इस मुद्दे पर सियासत कर रहे हैं. इस बीच बीजेपी ने 15 दिन तक जनसंपर्क अभियान चलाने का फैसला किया है.
किसानों की असली चिंता MSP को लेकर है. कृषि मंडियों को लेकर है. उन्हें डर है कि नए बिल के प्रावधानों की वजह से कृषि क्षेत्र पूंजीपतियों और कॉर्पोरेट घरानों के हाथों में चला जाएगा. कुछ संगठन और सियासी दल चाहते हैं कि MSP को बिल का हिस्सा बनाया जाए ताकि अनाज की खरीदारी न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे ना हो. जबकि सरकार साफ-साफ कह चुकी है कि MSP और मंडी व्यवस्था पहले की तरह ही जारी रहेगी.
संसद के दोनों सदनों ने जिन दो विधेयकों पर मुहर लगाई है, उनमें पहला कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक 2020 और दूसरा कृषक (सशक्तिकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020 शामिल हैं. इन्हीं दोनों बिल को लेकर किसान सड़क पर हैं.
किसानों ने आज कृषि बिल के विरोध में देशव्यापी बंद बुलाया है. इसमें भारतीय किसान यूनियन समेत 31 संगठन शामिल हो रहे हैं. किसान संगठनों को कांग्रेस, RJD, समाजवादी पार्टी, अकाली दल, AAP, TMC समेत कई पार्टियों का साथ भी मिला है. अलग-अलग पार्टियां भी जगह-जगह प्रदर्शन करेंगी.
लोकसभा और राज्यसभा में किसानों से जुड़े तीन बिल को पास कराए जाने से भड़की चिंगारी अभी भी सुलग रही है. विरोध का सबसे ज्यादा असर पंजाब और हरियाणा में देखने को मिल रहा है. कई दिनों से वहां किसान मुखालफत की आवाज बुलंद किए हुए हैं. अकाली दल कोटे से मोदी कैबिनेट में मंत्री रहीं हरसिमरत कौर बादल तो अपने पद से इस्तीफा तक दे चुकी हैं.