scorecardresearch
 

किसान आंदोलन: किसान क्यों हैं बिचौलिया सिस्टम के पैरोकार, बड़ी वजह है इंस्टैंट उधार

आंदोलन कर रहे किसानों की MSP के अलावा एक और मांग है. मंडी सिस्टम खत्म होने के डर से किसान नए कानूनों को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं.

Advertisement
X
किसानों का हल्ला बोल अब भी जारी
किसानों का हल्ला बोल अब भी जारी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • किसानों का आंदोलन लगातार जारी
  • मंडी सिस्टम में बदलाव से चिंता

केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ उत्तर भारत में किसानों का आंदोलन जारी है. किसान इन तीनों कानूनों के खिलाफ हैं और वापस लेने की मांग पर अड़ गए हैं. किसानों की मुख्य समस्या MSP को लेकर है, साथ ही मंडी सिस्टम पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं. केंद्र का कहना है कि नए कानून से बिचौलिये हट जाएंगे और सीधे किसानों को फायदा होगा, लेकिन किसानों की राय कुछ अलग ही है. 

कानून के किन हिस्सों पर किसानों की आपत्ति?
दरअसल, सरकार का कहना है कि नए कानून के आने के बाद किसान सीधे तौर पर कंपनियों से डील कर सकेंगे. उन्हें किसी मंडी सिस्टम या बिचौलिये के जरिए कंपनी को अपना माल बेचने की जरूरत नहीं है. लेकिन किसानों का जवाब है कि इस कदम से खेती ही प्राइवेट बन जाएगी और किसानों को इससे कोई फायदा नहीं होगा. 

Advertisement

देखें: आजतक LIVE TV 


मंडी सिस्टम पर किसानों को भरोसा क्यों है?
किसानों का कहना है कि मंडी में जो एजेंट हैं, वो उनके ही लोग हैं. यानी उनके बीच में से निकलकर ही एजेंट बने हैं, ऐसे में उनसे अलग लेवल का संबंध है. अगर किसी किसान को खेती के लिए पैसे चाहिए या फिर परिवार में किसी तरह की इमरजेंसी होने पर मदद चाहिए तो ये आढ़ती ही किसानों की मदद करते हैं. फिर चाहे उधार देना हो या फिर फसल का दाम एडवांस में दे देना हो, मंडियों में मौजूद आढ़ती उनकी मदद करते हैं. 

पंजाब से आए कई किसान नेताओं का कहना है कि बिहार में इस तरह का कानून लाकर इस सिस्टम को लागू किया जा चुका है, लेकिन उसका बुरा असर हुआ है. किसानों का कहना है कि ये वक्त हमारा फसल का है, लेकिन हम दिल्ली में प्रदर्शन करने में लगे हैं. 

पंजाब के जसबीर सिंह का कहना है कि उनके पास 12 एकड़ की जमीन है, लेकिन आढ़तियों के कारण उन्हें काफी फायदा है. क्योंकि बैंक की तरह वहां कागज नहीं लगते हैं और कभी भी पैसा मिल सकता है. मैंने अपनी बेटी की शादी के लिए पैसा वहां से ही लिया और अब बेटे की शादी के लिए भी ऐसा ही करूंगा. 

सरकार दे रही है क्या तर्क?
किसानों से अलग सरकार का कहना है कि खेती के बाद आधी से अधिक कमाई बिचौलिये कर जाते हैं, ऐसे में वो सबकुछ किसानों के हाथ में दे रहे हैं. कुछ एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि नए कानूनों से खेती थोड़ी मॉर्डन हो जाएगी, क्योंकि लोग अभी तक पुराने तरीकों से चलते आए हैं ऐसे में उन्हें इससे दिक्कत हो रही है. 

Advertisement

 

Advertisement
Advertisement