किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच शुक्रवार को एक और दौर की बातचीत हो रही है. कृषि कानून को वापस लेने की मांग पर किसान अड़े हुए हैं और 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली निकालने का ऐलान किया है. हालांकि, किसान नेता राकेश टिकैत ने शुक्रवार को कहा है कि अगर सुप्रीम कोर्ट उन्हें रैली निकालने से मना करेगा तो वो इसे रद्द कर देंगे.
भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने आजतक से बात करते हुए कहा कि कृषि कानून सरकार ने बनाए हैं, इसलिए वो सरकार से ही बातचीत को जारी रख रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है लेकिन जो कमेटी बनाई गई है, उसमें कानून को समर्थन करने वाले ही लोग हैं.
राकेश टिकैत बोले कि अभी हमारे आंदोलन को सिर्फ 51 दिन ही हुए हैं, ऐसे में जबतक किसानों की मांग नहीं मानी जाएगी ये जारी रहेगा. राकेश टिकैत बोले कि इस बार की गणतंत्र दिवस की परेड ऐतिहासिक होगी, जहां एक ओर से जवान चलेगा और दूसरी ओर से किसान चलेगा.
किसान संगठनों के ग्रुप में शामिल किसान नेता अभिमन्यु का कहना है कि जब तक तीनों कानून रद्द नहीं होते हैं और एमएसपी गारंटी कानून नहीं बनता है, तबतक हमारा आंदोलन जारी रहेगा. जहां तक सुप्रीम की कमेटी का मामला है, उसमें तो वही लोग सदस्य बनाए गए हैं जो इन कानूनों के समर्थन करते रहे हैं.
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आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित चार सदस्यों वाली कमेटी का किसानों ने विरोध किया था, आरोप था कि कमेटी के सभी सदस्य पूर्व में कृषि कानूनों का समर्थन कर चुके हैं. इसी विरोध के बाद कमेटी के सदस्य भूपिंदर सिंह मान इससे अलग हो गए थे.
किसान संगठनों ने पहले ही 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली निकालने का ऐलान किया हुआ है. किसान संगठनों का कहना है कि वो दिल्ली की सीमाओं से लाल किले तक रैली निकालेंगे, सेना की परेड भी लाल किले पर खत्म होती है ऐसे में वहां किसान-जवान का मिलन होगा.