दिल्ली पुलिस कमिश्नर एस एन श्रीवास्तव अचानक सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने टीकरी बॉर्डर पहुंचे थे. बॉर्डर पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों से उन्होंने मुलाकात की. रात में कमिश्नर के पहुंचने का मकसद था रात के वक्त सुरक्षा में तैनात जवानों से मिलना और उनकी हौसला अफजाई करना. इस दौरान कमिश्नर ने जॉइंट सीपी से टीकरी बॉर्डर और आस पास की सुरक्षा के लिए तैयार रोड मैप को भी समझा. शनिवार को किसानों ने टोल बंद करने का एलान भी किया है. इसलिए कमिश्नर देर रात सभी सीनियर अफ़सरों से मुलाकात भी कर रहे हैं और दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो इसकी हिदायत भी दे रहे हैं.
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने प्रदर्शनकारी किसानों से अपील की है कि वे मुद्दों पर चर्चा के लिए आएं और वे वामपंथी ताकतों से दूर रहेंगे. किसानों को लेफ्टिस्ट और माओविस्ट तत्वों से दूर रहना चाहिए. किसानों को समझना होगा कि उनके आंदोलन से लोगों को परेशानी हो रही है. किसान घर जाएं और हम उनके नेताओं से बात कर रहे हैं. पीयूष गोयल ने भरोसा दिया कि नए कानून से पुरानी व्यवस्थाएं सुरक्षित हैं.
आम आदमी पार्टी ही है जो किसान मुद्दे को देशद्रोह का रंग देने पर तुली है
— Manjinder Singh Sirsa (@mssirsa) December 11, 2020
किसान संघर्ष दिखाने के लिये @AAPPunjab ने भारत के नक्शे से कश्मीर को ही ग़ायब कर दिया
हम इस घटिया हरकत की कड़ी निंदा करते हैं।@ArvindKejriwal जी, किसान मुद्दे पर तो कम से कम देश को नीचा दिखाने से बाज आइये! pic.twitter.com/eNlBbLPBoh
हरियाणा में किसानों के टोल प्लाजा को घेरने के आह्वान पर फरीदाबाद पुलिस अलर्ट हो गई है. पुलिस ने कहा कि आंदोलन की आड़ में कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर उसकी पैनी नजर रहेगी. किसानों के प्रदर्शन पर ड्रोन कैमरा से निगरानी रखी जाएगी. करीब 3500 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे.
On 12th Dec, we'll block Delhi-Jaipur road. On 14th, we'll stage sit-in protest in front of DC offices, houses of BJP leaders & block Reliance/Adani toll plazas. No program to stop trains. Number of farmers coming here is increasing: Balbir S Rajewal, Bharatiya Kisan Union chief pic.twitter.com/GaqkIZ8OnO
— ANI (@ANI) December 11, 2020
शरद पवार बोले- कृषि कानून पर पुनर्विचार करे सरकार, किसानों के धैर्य की परीक्षा न लें
खुफिया एजेंसियों ने सरकार को भेजी रिपोर्ट, प्रो-लेफ्ट विंग ने किसान आंदोलन किया हाइजैक
किसानों की दिल्ली-जयपुर हाईवे नाकाबंदी पर को केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण आह्वान है. सरकार ने बातचीत के सभी दरवाजे खोल दिए हैं. सभी प्रस्ताव बातचीत के बाद तैयार किए गए हैं.
हरियाणा में किसानों के बॉर्डर सील चेतावनी को लेकर गुरुग्राम जिला प्रशासन ने 60 मजिस्ट्रेट तैयात किए हैं. जिले भर में अलग अलग चौक चौराहों से लेकर एनएच 48 पर पुलिस बल के साथ ड्यूटी मजिस्ट्रेट की तैनाती रहेगी. तकरीबन दो से ढाई हज़ार पुलिसकर्मियों के हाथों में गुरुग्राम की सुरक्षा व्यवस्था की कमान सौंपी गई है. भारत बंद के बाद किसान संगठनों और संस्थाओं ने दिल्ली से सटे तमाम बॉर्डर को सील करने की चेतावनी जारी की है. इसके मद्देनजर ज़िलाधीश अमित खत्री ने आदेश जारी कर विभिन्न इलाकों में 60 ड्यूटी मजिस्ट्रेटों की तैनाती की है.
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने दोपहर बाद जारी एडवाइजरी में बताया कि सिंधु, औचंदी, पियू मनियारी और मंगेश पुर बॉर्डर बंद हैं. जबकि NH 44 भी बंद है. ट्रैफिक को मुकरबा और जीटीके रोड से डायवर्ट किया गया है.
शुक्रवार को फिर एक बार कृषि मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा कि हम किसानों की समस्याओं पर विचार कर रहे हैं. कई बिंदुओं पर विचार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमने किसानों से पूछा कि एपीएमसी को सुदृढ़ बनाने के लिए क्या करना चाहिए, इस पर किसानों ने कोई जवाब नहीं दिया, वह चुप हो गए.
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा कि हमने किसानों को जो सुझाव भेजे हैं, उसमें एपीएमसी मंडी के बाहर प्राइवेट मंडियों के रजिस्ट्रेशन को लेकर किसानों के डर को दूर किया गया है. राज्य सरकारों को अधिकार है कि वह प्राइवेट मंडियों के रजिस्ट्रेशन और टैक्स पर फैसला ले सकती हैं. हम एसडीएम कोर्ट की जगह न्यायिक कोर्ट के रास्ते खोलने पर विचार कर सकते हैं.
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किसानों के समर्थन में महाराष्ट्र के राज्य मंत्री बच्चू काडू पलवल पहुंचे हैं. यहां पर वो बाइकों पर किसानों के जत्थे के साथ पहुंचे हैं. बता दें कि किसानों ने जयपुर-दिल्ली मार्ग को बंद करने का ऐलान किया है, ऐसे में पलवल में किसान इकट्ठा हो रहे हैं.
किसानों का आंदोलन आज भी जारी है. शुक्रवार को गाजीपुर बॉर्डर के पास किसानों ने दिल्ली की ओर कूच करने की कोशिश की, हालांकि पुलिस ने उन्हें रोक दिया. जिसके बाद किसान वापस धरना स्थल पर लौट आए. लंबे वक्त से किसान गाजीपुर-दिल्ली सीमा पर डटे हुए हैं.
किसान नेता राकेश टिकैत के मुताबिक, आज दोपहर दो बजे सभी किसान संगठन फिर बैठक करेंगे और आगे की रणनीति बनाएंगे. किसानों के प्रदर्शन के दौरान दिखे विवादित पोस्टरों पर राकेश टिकैत का कहना है कि हम किसी को अपना मंच नहीं दे रहे हैं, किसानों को नहीं पता है कि प्रदर्शन में कौन आ रहा है. यहां पर तैनात पुलिस और लोकल इंटेलिजेंस को इनपर नज़र रखनी चाहिए.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने किसानों के मसले पर फिर सरकार को घेरा है. राहुल ने लिखा कि किसान चाहता है कि उसकी आय पंजाब के किसान जितनी हो जाए, मोदी सरकार चाहती है कि देश के सब किसानों की आय बिहार के किसान जितनी हो जाए.
किसान चाहता है कि उसकी आय पंजाब के किसान जितनी हो जाए।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) December 11, 2020
मोदी सरकार चाहती है कि देश के सब किसानों की आय बिहार के किसान जितनी हो जाए। pic.twitter.com/8lqEfUf2td
सड़कों पर ठिठुरते आंदोलनकारियों की जायज़ माँगों को लेकर भाजपा सरकार हृदयहीन रवैया अपनाकर किसानों की घोर उपेक्षा कर रही है. इस पर जो वैश्विक प्रतिक्रिया आ रही है, उससे दुनियाभर में भारत की लोकतांत्रिक छवि को गहरी ठेस पहुँची है.
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) December 11, 2020
भाजपा सरकार पोषण करनेवालों का शोषण करना बंद करे! pic.twitter.com/HYECcGk6CD
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ट्वीट करते हुए बीते दिन कृषि मंत्री द्वारा किसान आंदोलन के मसले पर की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र किया और लोगों से उन्हें सुनने की अपील की गई. पीएम मोदी ने लिखा, ‘मंत्रिमंडल के मेरे दो सहयोगी नरेंद्र सिंह तोमर जी और पीयूष गोयल जी ने नए कृषि कानूनों और किसानों की मांगों को लेकर विस्तार से बात की है। इसे जरूर सुनें’
मंत्रिमंडल के मेरे दो सहयोगी नरेंद्र सिंह तोमर जी और पीयूष गोयल जी ने नए कृषि कानूनों और किसानों की मांगों को लेकर विस्तार से बात की है। इसे जरूर सुनें-https://t.co/B9GwPf5i3K
— Narendra Modi (@narendramodi) December 11, 2020
कृषि कानून का मसला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. भारतीय किसान यूनियन ने कृषि कानूनों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. याचिका में तीनों ही कृषि कानूनों को चुनौती दी गई है.
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सिंघु बॉर्डर की रेड लाइट पर धरने पर बैठे किसानों के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज की. किसानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ना करने और महामारी एक्ट और अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. किसान 29 नवंबर को लामपुर बॉर्डर से जबरन दिल्ली की सीमा मंं घुस आए थे और सिंघु बॉर्डर की रेड लाइट पर बैठ गए थे. वे रोड को ब्लॉक करके बैठे हैं. किसानों के खिलाफ एफआईआर 7 दिसंबर को अलीपुर थाने में दर्ज की गई.
करीब पांच राउंड की बात रद्द होने के बाद सरकार ने किसानों को लिखित प्रस्ताव भेजा, लेकिन किसानों ने उसे नकार दिया. गुरुवार को कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आए, किसानों से आंदोलन खत्म करने की अपील की, APMC-MSP को लेकर लिखित गारंटी का भरोसा दिया. हालांकि, किसानों ने भी तुरंत जवाब दिया और सरकार के प्रस्ताव को ठुकराया. किसानों की मांग है कि तीनों कानून वापस होने चाहिए.