लकड़ियों से भरा ट्रक पहुंचा है गाजीपुर बॉर्डर ! ठंड से बचने के लिए रज़ाई - गद्दे का ट्रक भी आया है पंजाब से...आखिरकार ये लड़ाई सरकार के साथ साथ ठंड से भी तो है! और क्या इंतज़ाम हैं, संवाददाता @KumarKunalmedia की ये रिपोर्ट आपको देखनी चाहिए #ReporterDiary #Farmersprotest pic.twitter.com/I9lGJuVZS8
— AajTak (@aajtak) December 21, 2020
किसानों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है. तमिलनाडु के किसानों ने गाजीपुर सीमा पर सोमवार को ऐलान किया कि वो और उनके साथी तमिलनाडु से दिल्ली तक ट्रैक्टर रैली निकालेंगे.
आंदोलन की जंग के बीच किसान नेता राकेश टिकैत ने बयान दिया है कि जो किसान संगठन नए कानूनों का समर्थन कर रहे हैं, वो उनसे मुलाकात करेंगे. टिकैत ने कहा कि हम समझना चाहते हैं कि जो फायदा हमें नहीं दिखा, उन्हें कैसे दिखा.
We'll go & meet those farmers' groups who're supporting the Centre on 3 Farm laws. We'll take information from them about how they're benefitting from Farm law & will learn the technology, which they're using to sell their crops: Rakesh Tikait, Spokesperson, Bhartiya Kisan Union pic.twitter.com/yHGz6iUo4p
— ANI (@ANI) December 21, 2020
बातचीत को लेकर सरकार द्वारा दिए गए प्रस्ताव पर किसान नेता हनन मुल्ला का कहना है कि सरकार सिर्फ दिखावा कर रही है. हर बैठक में अपना ही एजेंडा थोप रही है, किसानों के एजेंडे पर कोई चर्चता नहीं हो रही है. अगर बातचीत करनी है तो हमारे एजेंडे पर होनी चाहिए. अगर किसी मामले को ठंडे बस्ते में डालना हो तो कमेटी की बात होती है, हम इसका विरोध कर रहे हैं.
एक ओर कृषि कानून के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है, तो दूसरी ओर दिल्ली में बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी ने कानून के पक्ष में पदयात्रा निकाली.
ईस्ट ऑफ कैलास, श्रीनिवासपुरी वार्ड कालकाजी विधानसभा दक्षिणी दिल्ली से “किसान कल्याण क़ानून समर्थन यात्रा” के दूसरे दिन की शुरुआत करते हुए।इस अटूट समर्थन से पता लगता है कि जनता अब भली भाँति जान चुकी है कि मोदी सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि क़ानून किसानों के हितों के लिए ही है। pic.twitter.com/DAcDBsgjhk
— Ramesh Bidhuri (@rameshbidhuri) December 21, 2020
कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने ट्वीट कर सरकार पर हमला बोला है. सिद्धू ने एक वीडियो ट्वीट किया, जिसमें वो कुछ लोगों से चर्चा कर रहे हैं. कांग्रेस नेता ने लिखा कि नए कानून में कुछ भी किसानों के हक वाला नहीं है, ये कानून सिर्फ कारोबारियों के फायदे वाले हैं.
There is nothing New that is Pro-Farmer... The Benefits of these Laws that the Govt. harps about, already Exist !! ... The Laws are designed to hand-over the Agricultural Sector to two Corporate Houses #AdaniAmbaniGang to extend there Monopoly over India’s Economy #FarmersProtest pic.twitter.com/vCy9HPfMOK
— Navjot Singh Sidhu (@sherryontopp) December 21, 2020
कृषि कानून के खिलाफ किसानों की भूख हड़ताल जारी है. सोमवार को कुल 11 किसान नेता भूख हड़ताल कर रहे हैं, जब इनके 24 घंटे पूरे होंगे तो मंगलवार को दूसरे किसान नेता अपनी हड़ताल शुरू कर देंगे. किसानों ने ऐलान किया है कि अब इसी तरह रोटेशन में हड़ताल चलती रहेगी.
कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान अभी भी डटे हुए हैं। #FarmersProtest pic.twitter.com/dvXA5yUau2
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 21, 2020
गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन जारी है. सोमवार को गाजियाबाद के एसपी सिटी, एडीएम किसानों से मिलने पहुंचे और उनसे बात की. किसानों का कहना है कि उनके समर्थकों के ट्रैक्टरों को रोका जा रहा है. प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि व्हीकल ब्लॉक करने के मुद्दे को निपटाया जाएगा, इसके अलावा सफाई, मोबाइल चार्जिंग समेत अन्य मुद्दों पर प्रशासन सहायता करेगा.
दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर किसानों का धरना जारी है. आज किसान भूख हड़ताल भी कर रहे हैं, जो अब हर 24 घंटे में रोटेशन के हिसाब से बदलेगी. इस बीच आज पंजाबी सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ फिर आंदोलन में शामिल होंगे और गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंच सकते हैं.
सरकार किसानों से चर्चा करना चाह रही है, लेकिन अब किसानों की ओर से अपने आंदोलन को धार दी जा रही है ताकि लड़ाई लंबी चल सके.
Delhi: As farmers' protest against Centre's three farm laws enters 26th day at Singhu border (Delhi-Haryana border), farmers say they'll sit on relay hunger strike from today
— ANI (@ANI) December 21, 2020
"Everyday 11 farmers will sit on hunger strike for 24 hours," says Balwant Singh, Secretary, BKU Punjab pic.twitter.com/hHarNjpRNE
किसान संगठनों द्वारा आज भूख हड़ताल बुलाई गई है, आज इन संगठनों के नेता भूख हड़ताल पर रहेंगे...
1) जय किसान आन्दोलन की रविंदरपाल कौर गिल
2) भारतीय किसान यूनियन एकता (सिद्धपुर) के अध्यक्ष जगजीत सिंह दलेवाल
3) कुलदीप सिंह दयाला, वित्त सचिव, दोआबा किसान यूनियन पंजाब
3) भारतीय किसान यूनियन पंजाब के अध्यक्ष फुरमान सिंह संधू
4) बूटा सिंह चक्र, राज्य नेता, पंजाब किसान यूनियन
5) डेमोक्रेटिक किसान सभा पंजाब के अध्यक्ष डॉ. सतनाम सिंह अजनाला
६) क्रांतिकारी किसान यूनियन पंजाब के नेता अवतार सिंह कौरजीवाला
7) कीर्ति किसान यूनियन के भूपिंदर सिंह लोंगोवाल
8) दोआबा किसान समिति के अध्यक्ष जंगबीर सिंह चौहान
9) दोआबा किसान संघर्ष समिति के मुकेश चंद्र
10) कुल हिंद किसान सभा (बलनवाल) के बलजीत सिंह
11) लोक इंसाफ वेलफेयर के अध्यक्ष बलदेव सिंह सिरसा
किसानों और सरकार के बीच टकराव बढ़ रहा है. किसानों ने 27 दिसंबर को सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री के 'मन की बात' कार्यक्रम के दौरान पूरे समय थाली पीटते रहने की बात कही है. किसान नेताओं ने कहा है कि "हम सभी से अपील करते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम के दौरान 27 दिसंबर को जब तक वो बोलते रहें, सभी अपने घरों से थाली बजाएं."
किसानों के प्रदर्शन के कारण आज भी ट्रैफिक रूट में काफी बदलाव किया गया है.
Singhu, Auchandi, Piau Maniyari, & Mangesh borders are closed. Please take alternate routes via Lampur, Safiabad Saboli & Singhu school toll tax borders. Traffic has been diverted from Mukarba & GTK road. Please avoid Outer Ring road, GTK road & NH 44: Delhi Traffic Police https://t.co/uyMwRUrcjS
— ANI (@ANI) December 21, 2020
बीते दिन किसान एकता मोर्चा के फेसबुक पेज को लेकर जमकर बवाल हुआ. किसानों ने अपने आंदोलन की आवाज तेज करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है, लेकिन रविवार को फेसबुक ने किसानों के पेज को बंद किया. जब इसपर काफी विवाद हुआ तो फेसबुक द्वारा पेज को फिर सही कर दिया गया.
आंदोलन के बीच सरकार ने फिर किसानों से बातचीत की पहल की है. कृषि मंत्रालय ने किसान संगठनों को एक चिट्ठी लिखी है, जिसमें सरकार की ओर से बातचीत की मंशा जाहिर की गई है. बातचीत कब करनी है, ये किसान तय कर सकते हैं. बता दें कि अबतक किसान-सरकार में 6 दौर की बातचीत फेल हो चुकी है.
कृषि कानून की वापसी पर किसान लगातार अड़े हुए हैं. इसी बीच आंदोलन को धार देते हुए किसानों ने सोमवार को भूख हड़ताल का ऐलान कर दिया है. किसान संगठन आज हर धरना स्थल पर भूख हड़ताल पर बैठेंगे. इससे पहले भी किसानों ने भारत बंद, भूख हड़ताल बुलाया था.