भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने बुधवार को केंद्र सरकार को दो टूक कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए, किसान आंदोलन नहीं रुकेगा. उन्होंने कहा कि कोरोना के नाम पर सरकार डराने की कोशिश कर रही है, लेकिन हमारा आंदोलन यूं ही चलता रहेगा. राकेश टिकैत आज सहारनपुर में थे और ये बातें उन्होंने यहीं कही.
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा, "कोरोना के नाम पर सरकार किसानों को डराना बंद करे. किसान आंदोलन शाहीन बाग नहीं है. देश में चाहे कर्फ्यू लगा हो या लॉकडाउन, किसानों का आंदोलन लगातार जारी रहेगा. नवंबर-दिसंबर तक यूं ही चलता रहेगा." राकेश टिकैत सहारनपुर शहीद भगत सिंह के भतीजे किरणजीत सिंह की बेटी के विवाह समारोह में शामिल होने पहुंचे थे.
राकेश टिकैत ने बताया कि आज वो हिमाचल प्रदेश जा रहे हैं, क्योंकि वहां बड़ी संख्या में बागवानी वाले किसान हैं. यहां से वो कल बिहार पहुंचेंगे, जहां किसानों की पंचायत करेंगे. टिकैत ने अलवर में हुए हमले पर कहा कि वो हमला भाजपा ने उन पर करवाया था, लेकिन अब वो इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं चाहते.
पिछले 4 महीने से चल रहा है किसान आंदोलन
पिछले साल सितंबर में केंद्र सरकार ने खेती से जुड़े तीन कानून लागू किए थे. इन्हीं तीन कानूनों के खिलाफ किसान पिछले साल 26 नवंबर से दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं. किसान और सरकार के बीच 11 बार बातचीत भी हो चुकी है, लेकिन कोई सहमति नहीं बनी. किसान चाहते हैं कि सरकार तीनों कानूनों को रद्द करे और MSP पर गारंटी का कानून लेकर आए. लेकिन सरकार का कहना है कि वो कानूनों को वापस नहीं ले सकती. अगर किसान चाहते हैं, तो उनके हिसाब से इसमें संशोधन किए जा सकते हैं.