दिल्ली पुलिस ने किसानों को संसद के सामने प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी है. संसद का मॉनसून सत्र आज से शुरू हो गया है. तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसान 22 जुलाई से जंतर-मंतर पर किसान संसद का आयोजन करना चाहते हैं.
रविवार को इस मुद्दे पर संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त से मुलाकात की थी. लेकिन किसानों को दिल्ली पुलिस ने अबतक प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी है. इस मुद्दे पर किसान नेताओं और दिल्ली पुलिस के बीच आज फिर बात हो सकती है.
सूत्रों के अनुसार आज एक बार फिर किसान नेता और दिल्ली पुलिस के अधिकारी मीटिंग करेंगे और धरना प्रदर्शन के लिए किसानों की प्रस्तावित मांग पर विस्तार से विचार किया जा सकता है.
200 किसानों के साथ प्रदर्शन की मांग
इससे पहले रविवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि किसानों का संसद घेराव करने का कोई इरादा नहीं है, बल्कि वे जंतर-मंतर पर 200 किसानों के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते हैं.
इस पर किसान नेताओं से दिल्ली पुलिस ने कहा कि वो फिर से अपनी मांगों पर विचार करें. रविवार को दिल्ली पुलिस ने DDMA गाइडलाइंस का हवाला दिया और कहा कि अभी पॉलिटिकल गैदरिंग की इजाजत नहीं है. इसलिए 200 लोगों को प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती है.
26 जनवर की हिंसा का जिक्र
जब किसान नेताओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन का हवाला दिया तो दिल्ली पुलिस ने 26 जनवरी हिंसा का जिक्र करते हुए किसान नेताओं को कहा कि आप शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते हैं लेकिन असामाजिक तत्व प्रदर्शन में घुसकर बवाल कर सकते हैं, जैसा कि इस साल 26 जनवरी को हुआ था. दिल्ली पुलिस ने तब ट्रैक्टर मार्च की इजाजत दी थी, रूट भी तय था, लेकिन फिर बाद में तमाम रूल तोड़ दिए गए और हिंसा हुई.
दिल्ली पुलिस ने रविवार की बैठक में किसानों को कोई आश्वासन नहीं दिया और कहा कि इस बारे में किसानों को बाद में बताया जाएगा.