scorecardresearch
 

रामदेव बोले- केंद्र सरकार से चूक हुई, किसानों को देनी होगी जानकारी

बाबा रामदेव ने कहा कृषि कानून पर भ्रम फैलाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि एमएसपी और एपीएमसी सिस्टम को खत्म करने की कोई बात ही नहीं है. योग गुरु ने कहा कि किसानों को अगर उनके दरवाजे पर ही अच्छी कीमत मिल रही है तो इसमें गलत क्या है. 

Advertisement
X
योग गुरु बाबा रामदेव (फाइल फोटो)
योग गुरु बाबा रामदेव (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कृषि कानून पर भ्रम फैलाया जा रहा: बाबा रामदेव
  • 'कृषि कानून के फायदों को समझाने में असफल रही सरकार'
  • 'पीएम मोदी किसी कॉरपोरेट घराने और MNC के गुलाम नहीं'

केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है. वहीं, सरकार कृषि कानून पर किसानों को समझाने में जुट गई है. दिल्ली के विज्ञान भवन में किसानों के प्रतिनिधियों और सरकार के बीच बैठक हो रही है. इस बीच, योग गुरु बाबा रामदेव ने बयान दिया है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से चूक हुई है, कृषि कानून पर सरकार को किसानों को जानकारी देनी होगी.

Advertisement

बाबा रामदेव ने कहा कृषि कानून पर भ्रम फैलाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि एमएसपी और एपीएमसी सिस्टम को खत्म करने की कोई बात ही नहीं है. योग गुरु ने कहा कि किसानों को अगर उनके दरवाजे पर ही अच्छी कीमत मिल रही है तो इसमें गलत क्या है. 

देखें: आजतक LIVE TV

बाबा रामदेव कहते हैं कि केंद्र सरकार कृषि कानून के फायदों को समझाने में असफल रही है. किसानों को जानकारी देने की जरूरत है. लोग कृषि कानून पर अफवाह फैलाना चाहते हैं. योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि पीएम मोदी किसी कॉरपोरेट घराने और MNC के गुलाम नहीं हैं. उनके खिलाफ किसानों को क्यों उकसाया जा रहा है. 

सिंधु बॉर्डर पर डटे हैं किसान

बता दें कि केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है और वो सिंधु बॉर्डर पर डटे हुए हैं. आज किसान संगठनों और सरकार के बीच बातचीत हो रही है जिस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं. किसानों के इस आंदोलन को करीब एक हफ्ते हो गए. पहले सरकार ने किसानों को बातचीत के लिए 3 दिसंबर की तारीख दी थी, लेकिन भारी दवाब के आगे सरकार को झुकना पड़ा और दो दिन पहले किसानों से बातचीत के लिए तैयार होना पड़ा. 

Advertisement

आज की बैठक में एक किसान संगठन के प्रतिनिधि ने कहा कि किसान कृषि कानूनों के खिलाफ सड़कों पर हैं. और उन्होंने मांग की कि सरकार को इसे वापस लेने पर विचार करना चाहिए. कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने किसानों से बैठक में कहा कि 4 से 5 नाम अपने संगठन से दीजिए, एक समिति बना देते हैं जिसमे सरकार के लोग भी होंगे, कृषि एक्सपर्ट भी होंगे, नए कृषि कानून पर चर्चा करेंगे. लेकिन किसान संगठनों ने सरकार के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है.

ये भी पढ़ें

 

Advertisement
Advertisement