किसानों ने नए कृषि कानून के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. सर्द रात में भी किसान दिल्ली बॉर्डर पर जमे हुए हैं. किसान नए कृषि कानून वापस लेने की मांग पर अड़े हुए हैं. किसानों के आंदोलन को लेकर आजतक से बातचीत करते हुए महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि सरकार हर मसले पर खुले मन से बात करने को तैयार है. शुरू में बातचीत हुई भी.
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कुछ किसान ऐसे हैं, जो ईमानदारी से आंदोलन में शामिल हैं. लेकिन कुछ ऐसे तत्व भी हैं जो इस आंदोलन को समाप्त नहीं होने देना चाहते. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की सारी मांगें मानने को तैयार है. अब वे कह रहे हैं कि ये सभी कानून निरस्त कर दो. महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने कई राज्यों में कॉन्ट्रैक्ट फॉर्मिंग का उदाहरण देते हुए कहा कि कहीं भी किसी की जमीन गई नहीं.
एक सवाल के जवाब में देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि किसान इस देश में कभी समस्या हो ही नहीं सकते. वे इस देश की रीढ़ की हड्डी हैं. उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि जब उनके साथ राजनीतिक तत्व घुस आते हैं तो वे उन्हें गुमराह करते हैं और दबाव बनाकर समाधान नहीं निकलने देना चाहते. फडणवीस ने कहा कि हमारी समस्या ऐसे तत्व हैं जो अपनी राजनीति के लिए यह चाहते हैं कि इस प्रकार का आंदोलन चलता रहे.
महाराष्ट्रके पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग किसानों के आंदोलन को हाइजैक करना चाह रहे हैं. उन्होंने कहा कि कोई खालिस्तान जिंदाबाद का नारा लगा रहा है तो कोई अलग-अलग झंडे लहरा रहा है. कई किसानों को यह लगा कि उनका उपयोग किया जा रहा है तो वे वापस लौट गए. फडणवीस ने साथ ही यह भी साफ किया कि किसानों के हित में दो कदम आगे जाना पड़े या पीछे, सरकार हर पहलू पर बात करने को तैयार है. लेकिन यदि ऐसा केवल राजनीति के लिए किया जाएगा तो मुझे नहीं लगता कि सरकार अपना कोई निर्णय वापस लेगी.
न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर सवाल पर देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि केंद्र ने लिखित में भी इसे बरकरार रखने की बात कही है. प्रधानमंत्री ने खुद यह साफ किया है कि एमएसपी चलती रहेगी. एमएसपी हर हाल में किसानों को मिलनी चाहिए. महाराष्ट्र से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में कॉन्ट्रैक्ट फॉर्मिंग और अन्य कानून 15 साल से लागू हैं. इससे किसानों का नुकसान नहीं, उनका फायदा ही हुआ है. किसान सीधे मंडी में आकर अपने उत्पाद बेचते हैं. लॉकडाउन के दौरान किसानों ने अच्छा पैसा कमाया. शरद पवार से जुड़े सवाल पर फडणवीस ने कहा कि उन्हें विपक्ष के साथ भी रहना है, इसलिए वे इन कानूनों के तत्वों पर बोलने की बजाय बस यही कह रहे हैं कि और चर्चा होनी चाहिए थी. शरद पवार असमंजस में हैं.
राहुल गांधी पर किया तंज
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने नए कृषि कानूनों को काला कानून बताया था. इससे जुड़े सवाल के जवाब में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी को चुनौती दी कि इन तीन कानूनों में क्या है? वे ये बता दें. विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए फडणवीस ने कहा कि मोदी सरकार के सामने हर दिन नई चुनौती लाने का प्रयास किया जाता है, लेकिन सरकार हर चुनौती से सकारात्मकता के साथ निपट रही है.