पंजाब-हरियाणा के बॉर्डर पर पिछले 35 दिनों से आमरण अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है. उनकी सेहत को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस सुधांशु धूलिया की स्पेशल बेंच ने पंजाब सरकार को डल्लेवाल की सेहत और किसानों से बैठक कर हल निकलने के लिए दो दिनों की मोहलत दी है.
शनिवार, 28 दिसंबर की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने डल्लेवाल को मेडिकल सहायता उपलब्ध कराने के उसके निर्देश पर अमल न होने पर पंजाब सरकार को कड़ी फटकार लगाई. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारे आदेशों का हर हाल में पालन किया जाना चाहिए और केंद्र सरकार हर मुमकिन मदद देगी.
SC के सवालों पर क्या बोला पंजाब?
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा कि आप कुछ और वक्त दिए जाने की मांग क्यों कर रहे हैं. इस पर पंजाब सरकार के एजी ने कोर्ट को बताया कि कुछ जिम्मेदार लोग डल्लेवाल से बात करने गए थे, कल दो चीजें हुईं. पहली- पंजाब बंद के ऐलान की वजह से पूरे पंजाब में नाकेबंदी हो गई. दूसरी- केंद्र सरकार को प्रस्ताव दिया गया है कि अगर उन्हें बातचीत का प्रस्ताव मिलता है, तो डल्लेवाल मेडिकल सहायता लेने के लिए तैयार हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार की मांग पर वक्त दिया और मामले अगली सुनवाई 2 जनवरी 2025 तय की.
आज की सुनवाई के दौरान पंजाब के चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मौजूद रहे. सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी को अगली सुनवाई में भी वर्चुअल तौर पर मौजूद रहने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अमल के लिए पंजाब सरकार को दो दिन का वक्त दिया है.