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राकेश टिकैत बोले- जिस थाने से किसानों को परेशान करेंगे, वहीं बांध देंगे पशु

किसानों की भूख हड़ताल समाप्त होने के बाद भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि आज का आंदोलन सफल रहा, किसान वापस नहीं जाएगा. कल के बाद रणनीति तैयार की जाएगी. जिन थानों से हमें परेशान किया जाएगा, हम वहां पर पशु बांधना शुरू करेंगे. हम प्रदर्शन शांति पूर्ण तरीके से ही रखना चाहते हैं. सरकार चाहती है कि हंगामा हो.

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दिल्ली की सीमा पर किसान कर रहे कृषि कानूनों का विरोध (फोटो: PTI)
दिल्ली की सीमा पर किसान कर रहे कृषि कानूनों का विरोध (फोटो: PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बच्चों के जरिए किसानों ने खोला अपना अनशन
  • राकेश टिकैत बोले- आज का आंदोलन सफल रहा
  • राकेश टिकैत ने यूपी सरकार को चेतावनी भी दी

किसानों की भूख हड़ताल समाप्त होने के बाद भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि आज का आंदोलन सफल रहा, किसान वापस नहीं जाएगा. कल के बाद रणनीति तैयार की जाएगी. जिन थानों से हमें परेशान किया जाएगा, हम वहां पर पशु बांधना शुरू करेंगे. हम प्रदर्शन शांति पूर्ण तरीके से ही रखना चाहते हैं. सरकार चाहती है कि हंगामा हो.

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आज अनशन पर बैठे राकेश टिकैत और बाकी किसान नेताओं ने बच्चों के जरिए अपना अनशन खोला है. राकेश टिकैत ने इसके साथ ही प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर हमारे ट्रैक्टर/गाड़ियों को रोका गया तो हम फिर हाईवे को रोकेंगे. अपने साथियों को आगाह करते हुए राकेश टिकैत ने कहा, "शरारती तत्वों से बचके रहना है, हमारे बीच कोई गलत तत्व ना आने पाए. जिससे हमारा आंदोलन प्रभावित हो. सरकार कानून को वापस ले, रास्ते खुल जाएंगे."

राकेश टिकैत ने अनशन समाप्त करने के बाद कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस किसानों का उत्पीड़न कर रही है. किसानों को गिरफ्तार किया जा रहा है. उत्तर प्रदेश में किसानों की ट्राली बंद की जा रही है. उत्तराखंड के किसानों को रोके हुए हैं. भारतीय किसान यूनियन उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेगी. अगर किसानों को रोका तो हम गाजीपुर बॉर्डर रोक देंगे. जिस थाने में किसानों को रोका जाएगा हमारे स्थानीय कार्यकर्ता वहीं पशुओं को बांधने का काम करेंगे.

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राकेश टिकैत ने आगे कहा कि हमारी लड़ाई लंबी है. राज्य सरकार इसमें दखल न दे. किसानों से आप जीत नहीं सकते. हम किसान हैं. किसानों का मकसद उनकी मांगे हैं न कि सरकार को अस्थिर करना. हम राजनीतिक दल नहीं हैं. सरकार हमारी मांगों का निस्तारण करे. सर्दी के मौसम में खुले आसमान में कोई ऐसे ही नहीं रुकता है. यह खेती व पेट का सवाल है.

केंद्र को चुनौती देते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार को समय रहते चेतना चाहिए अन्यथा नुकसान होगा. सरकार को किसान बनाना भी जानता है और गिराना भी जानता है. आज उत्तर प्रदेश सहित उत्तर भारत में सभी जिला मुख्यालयों पर किसानों ने प्रदर्शन किए हैं. यह अब जनांदोलन का रूप है. सरकार को देरी महंगी पड़ेगी."

 

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