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'कश्मीरी पंडित तय करें उन्हें कब वापस आना है', फारूक अब्दुल्ला बोले- उनके लिए हमारे दिल खुले हैं

अपनी हालिया धार्मिक यात्रा पर फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने न केवल कश्मीर के लिए, बल्कि पूरे मुस्लिम जगत के लिए प्रार्थना की. उन्होंने कहा कि आज हम जिन समस्याओं से जूझ रहे हैं, अल्लाह हमें इनसे मुक्ति दिलाए. अल्लाह हमें सही रास्ते पर ले जाए.

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जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला. (PTI Photo)
जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला. (PTI Photo)

जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि केंद्र को देश में सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाली गतिविधियों पर रोक लगानी चाहिए और मुसलमानों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, 'संभल जैसी घटनाएं रोकने की जरूरत है. मैं भारत सरकार से कहूंगा कि वह (ऐसी हरकतें) रोकें क्योंकि वे (भारत के) मुसलमानों को समुद्र में नहीं फेंक सकते.'

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अब्दुल्ला ने पूछा, '24 करोड़ मुसलमानों को कहां फेंकेंगे? मुसलमानों के साथ समान व्यवहार करें, यही हमारा संविधान है. अगर वे संविधान के साथ खिलवाड़ करेंगे तो भारत कैसे बचेगा.' अपने बेटे और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और अन्य सहयोगियों के साथ सऊदी अरब से उमरा (छोटी हज यात्रा) करके भारत वापस आने के बाद फारूक अब्दुल्लाह ने उपरोक्त टिप्पणियां की.

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उन्होंने कहा कि कोई भी कश्मीरी पंडितों की घाटी में वापसी के खिलाफ नहीं है. अब्दुल्ला ने कहा, 'जब मैं सीएम था और जब अनुच्छेद 370 था- मैंने उनके (कश्मीरी पंडितों) पुनर्वास की कोशिश की, लेकिन उन दिनों स्थिति खराब थी. कश्मीरी पंडितों को यहां आने से कौन रोकता है? हर राजनीतिक दल ने कहा है कि उन्हें वापस लौटना चाहिए. यह उनका निर्णय है कि वे कब आना चाहते हैं. हमारे दिल उनके लिए खुले हैं.'

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जम्मू-कश्मीर में आरक्षण नीति की समीक्षा की मांग पर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार को इसकी समीक्षा करनी चाहिए. उन्होंने कहा, 'हम सरकार से कहेंगे कि वह इसकी समीक्षा करे. आरक्षण वंचित वर्गों के लिए है ताकि वे बराबरी पर आ सकें.' एनसी सरकार ने आरक्षण को तर्कसंगत बनाने की मांगों पर विचार करने के लिए एक कैबिनेट उप-समिति का गठन किया है. केंद्र शासित प्रदेश में आरक्षण की सीमा 70 प्रतिशत तक बढ़ गई है. 

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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा पिछले सप्ताह दो सरकारी कर्मचारियों को उनके कथित आतंकी संबंधों के लिए बर्खास्त करने पर, अब्दुल्ला ने कहा, 'राज्य सरकार हर चीज पर नजर रखेगी और जांच करेगी कि दोनों कर्मचारियों को क्यों हटाया गया.' अपनी हालिया धार्मिक यात्रा पर फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने न केवल कश्मीर के लिए, बल्कि पूरे मुस्लिम जगत के लिए प्रार्थना की. उन्होंने कहा, 'आज हम जिन समस्याओं से जूझ रहे हैं, अल्लाह हमें इनसे मुक्ति दिलाए. अल्लाह हमें सही रास्ते पर ले जाए. मैंने प्रार्थना की कि अल्लाह हमें बुराई से दूर रखें और हमारे देश में फैली मजहबी नफरत को खत्म करें. मैंने एकता और सद्भाव के लिए प्रार्थना की.'

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