असम के कोकराझार में एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नाबालिग से रेप की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी को 15 साल की कठोर सजा और उन पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. कोकराझार फास्ट ट्रैक कोर्ट के विशेष न्यायाधीश जे कोच ने शुक्रवार को आरोपी को यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत रेप का दोषी ठहराया और 10 हजार रुपये के जुर्माने के साथ सजा सुनाई.
जानकारी के मुताबिक, नाबालिग लड़की के पिता ने 23 मई 2019 को कोकराझार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि आरोपी परिवार के सदस्यों की अनुपस्थिति में उनके घर में घुस आया और उसकी बेटी के साथ बलात्कार किया. पुलिस ने POCSO अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जो पिछले चार वर्षों से जेल में है.
ये भी पढ़ें- टुकड़े-टुकड़े... सूटकेस में मिला था डेढ़ साल के मासूम का शव, मां और प्रेमी को मिली फांसी की सजा
फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को सुनाई 15 साल सश्रम कारावास की सजा
बता दें कि पिछले महीने भी कोकराझार में एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने एक बच्ची से रेप की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी को 15 साल की कठोर सजा और उन पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था. विशेष न्यायाधीश जे कोच ने आरोपी को अपहरण का भी दोषी ठहराया और उसे पांच साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई थी. उस पर 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया. न्यायाधीश ने आदेश दिया कि दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी.