
बारिश के बाद बाढ़ ने देश के कई राज्यों में हालात बिगाड़ दिए हैं. स्थिति ये है कि कुछ शहरों में बीच बाजार तूफानी नदी की शक्ल में बाढ़ का पानी बहता दिखा. कई जगह लोग बह गए तो कई जगहों पर गाडियां पानी में खिलौनों की तरह तैर रही थीं. पहाड़ दरक रहे हैं तो मैदानी इलाकों में नदियों ने रौद्र रूप अपना रखा है. कई इलाकों से रौंगटे खड़े कर देने वाली तस्वीर आ रही है.
सबसे बुरा हाल राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात का है, जहां मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. वहीं यमुना के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर दिल्लीवालों की टेंशन बढ़ा दी है.
मौसम विभाग ने अहमदाबाद सहित सौराष्ट्र, दक्षिण और मध्य गुजरात में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. यहां कई इलाकों के लिए रेड तो कई में ऑरेंट अलर्ट जारी किया गया है. महाराष्ट्र के कई शहरों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
मौसम विभाग ने ठाणे, पालघर, रायगढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है. वहीं रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में भी भारी बारिश का अनुमान है. वहीं हथिनी कुंड से पानी छोड़े जाने के बाद दिल्ली के निचले स्तर इलाकों में बाढ़ का अलर्ट है.
पहाड़ों में कहीं फटा बादल तो कहीं लैंडस्लाइड
बता दें कि हिमाचल में कुल्लू से शिमला तक कई दिनों से बाढ़ और लैंडस्लाइड ने कहर बरपा रखा है. बादल फटने की एक साथ कई घटनाएं हुई, जिससे कई गांव कस्बों में मलबा भर गया. पहाडी सूबों में हाइवे भी बाढ की चपेट में है. उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू कश्मीर और लेह लद्दाख. हर जगह आसमान से आफत बरस रही है. शिमला के कोटखाई इलाके के खलटूनाला में भारी बारिश से नाले में उफान है. इसमें कई गाडियां बह गईं. शिमला और आसपास लगातार लैंड स्लाइड हो रही है.
उत्तराखंड में मलबे में दबी गाड़ियां
उत्तराखंड का हाल ऐसा ही है. उत्तरकाशी के बडकोट में बादल फटने से भयंकर तबाही आ गई. घर, गाडियां सब मलबे तले दब गए. पूरा का पूरा गांव मलबे में दब गया. एक स्कूल में भी पानी भर गया और बच्चे फंस गए, जिन्हें रेस्क्यू कर निकाला गया. वहीं लेह और लद्दाख में शुक्रवार को बादल फटने से पूरे शहर में पानी भर गया. सड़कों पर फ्लैश फ्लड की वजह से मलबा आ गया. लेह में कई सड़कों पर पहाड़ों से पानी और मलबा आ गया. कई घंटे तक शहर के हालात खऱाब रहे.
चमौली में भी बारिश ने बढ़ाई टेंशन
चमोली में शुक्रवार देर रात से बारिश जारी है और इसमें बद्रीनाथ के पास कंचनगंगा में यात्रियों से भरा टेंपो ट्रैवलर फंस गया. अलकनंदा उफान पर है. बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग जगह-जगह भारी भूस्खलन के चलते बंद हो रहा है . कंचन गंगा में अचानक जलस्तर बढ़ने के कारण यहां पर दलदल हो गया है. शनिवार आज सुबह यहां तीर्थयात्रियों से भरी हुई टेंपो ट्रैवलर अचानक दलदल में फंस गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से टेंपो ट्रैवलर को निकाला गया. यहां मौजूद लोगों ने टेंपो ट्रैवलर को जैसे-तैसे पार कराया. अलकनंदा का जलस्तर बढने से ब्रह्म कपाल के पास घाट डूब गए.
जम्मू के कुलगाम में बादल फटने से हालात बदतर
जम्मू-कश्मीर में भी आसमान से बरस रही आफत ने हालात बदतर कर दिए हैं. शनिवार को जम्मू के कुलगाम स्थित कोरल इलाके में बादल फट गया. इससे अचानक आई बाढ़ से सेब के बगीचों और घरों में पानी घुस गया. लोग अपना सामान बचाने में लगे हुए हैं. इससे पहले डोडा में भी बादल फटा तो जमीन पर तबाही नजर आने लगी. पूरा का पूरा इलाका सैलाब और मलबे में तब्दील हो गया.
राजस्थान में भी बारिश का कहर
पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर में आम तौर पर बारिश कम होती है लेकिन इन दिनों यहां इतनी बारिश हो रही है कि जिंदगी आफत में है. लगातार 24 घंटे की बारिश से जोधपुर के पुराने शहर में हालात बेकाबू हो गए. सड़कों पर पानी इस तूफानी रफ्तार से आया कि गलियों मे खडी कई बाइक इसमें बह गईं. लोग डरे सहमे ये हालात देखते रहे. पुराने शहर की हर गली का यही हाल था. लोग घरों में दुबके थे और बाहर तूफानी बाढ़ थी.
वहीं बाड़मेर में बारिश ने 25 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है. यहां सड़कों पर सैलाब बह रहा है. मौसम विभाग ने बाड़मेर जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. जिले के कई इलाकों में पिछले 3-4 दिनों से तेज हवा के साथ मूसलाधार बारिश का दौर जारी है.
गुजरात के कई शहरों में बाढ़
गुजरात के कई शहरों में बाढ़ जैसी स्थिति है. यहां गाड़ियों से लेकर भैंस तक पानी में बहती नजर आईं. अहमदाबाद में भारी बारिश से पूरे शहर में जलभराव हुआ है. कई जगह घुटने भर पानी भर गया है. जूनागढ़ शहर में भारी बारिश के चलते हालत बिगड़ते जा रहे हैं. यहां चार लोग डूब गए.
तीन घंटे की बारिश से दोलतपारा, सबलपुर, राज लक्ष्मी पार्क और कालवा नदी में जलस्तर बढ़ गया है. सड़कों पर पानी का सैलाब बह रहा है. जूनागढ़ के शकरबाग चिड़ियाघर में बारिश का पानी भर गया है. पुलिस-प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि घर से बहार ना निकलें. भारी बारिश के चलते पूरा शहर पानी-पानी है. कुछ घंटों की बारिश ने यहां बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं. 1983 के बाद पहली बार इतनी बारिश यहां दर्ज की गई है.
कुछ ऐसा ही हाल अमरेली शहर का हुआ. यहां के लिलाय में अचानक हुई भारी बारिश से बाढ़ आ गई. सड़कों पर तूफानी सैलाब था. बीच बाजार नदी बहती दिखी. एक युवक हाथों में गैस का सिलेंडर लेकर सड़क क्रोस कर रहा था, लेकिन इसी बीच पानी का बहाव इतना तेज था कि ये युवक बह गया. वहीं नवसारी में मूसलाधार बारिश के बाद कई इलाके जलमग्न हो गए.
मध्य प्रदेश में घाटों से दूर रहने की सलाह
मध्य प्रदेश के हालात भी कुछ अच्छे नजर नहीं आ रहे. खरगौन में भी भारी बारिश के बाद सारे नदी नाले उफन रहे हैं. कुंदा नदी में जलस्तर बढ़ रहा है. लोगों को भीषण बाढ़ के पानी से निकलकर अपने घरों तक जाना पड़ रहा है. उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर में भी जलभराव की स्थिति है. चारो ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है. उज्जैन के शिप्रा नदी के घाटों पर पानी ने मंदिरों को अपने आगोश में ले लिया है. प्रशासन अलर्ट मोड पर है और लोगों को घाटों से दूर रहने की सलाह दी गई है.
मुंबई में भीषण बारिश से जलभराव
मायानगरी मुंबई एक बार फिर भीषण बारिश की तकलीफ से दो चार हो रही है. शनिवार सुबह एक साथ कई इलाकों बाढ़ जैसी स्थिति हो गई. लोग सुबह नींद से जागे तो दर्जनों कॉलोनियो में पानी भरा था. कई घरों में पानी घुस चुका था और सबवे पानी से लबालब था. कुर्ला, चेम्बूर, अंधेरी, हर जगह सिर्फ पानी था. मौसम की मार महाराष्ट्र के रायगढ़ में भी पड़ी, जहां तीन दिनों से रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा था. रायगढ़ में मरने वालों की संख्या 27 तक पहुंच गई. लैंडस्लाइड के तीसरे दिन भी राहत और बचाव जारी है.
महाराष्ट्र भी आसमान से बरस रही आफत
महाराष्ट्र के बुलढाना की सड़कों पर सैलाब बह रहा है. बीच सड़क पर पानी उफान मार रहा है और लोग किनारों पर खड़े होकर ये मंजर देखने को मजबूर हैं. पूरा शहर पानी-पानी हो चुका है. कई जगहों पर लोगों को रेस्क्यू कर निकाला जा रहा है. यवतमाल में भी इतनी बारिश हुई की कई घरों में पानी घुस गया. लोग छतों पर रहने को मजबूर हैं. यवतमान के महागांव में दीवार गिरने से दो लोगों की मौत हो गई. वहीं गांव में कई लोग सैलाब के बीच फंस गए, जिन्हें एयरफोर्स के जरिए रेक्यू किया गया.
यवतमाल के कलेक्टर ने बताया कि शनिवार को 240 मिमी बारिश हुई है, जिससे कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। एसडीआरएफ और आईएएफ हेलीकॉप्टर की मदद से विभिन्न क्षेत्रों में फंसे 219 लोगों को शिफ्ट किया गया है. महाराष्ट्र के भिवंडी का हाल भी बुरा है.
उधर, तेलंगाना में तो लोगों ने आपदा में अवसर ढूंढ लिया है. सड़कों पर आए सैलाब के बाद लोग जाल लेकर पहुंच गए और मछलियां पकड़ते दिखे.
दिल्ली में फिर बढ़ रहा दिल्ली का जलस्तर
दिल्ली-NCR में पिछले कुछ दिनों से बारिश नहीं हो रही है. मौसम पूरी तरह साफ है. हालांकि, दिल्ली में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. कारण, हथिनी कुंड बैराज से शनिवार सुबह 9 बजे 1 लाख 47 हजार क्यूसेक, 10 बजे 2 लाख 9 हजार क्यूसेक और 11 बजे 2 लाख 23 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. इसका असर अगले 24 से 48 घंटे में देखने मिल सकता है. अगर जलस्तर 206.7 मीटर तक गया तो यमुना खादर के कुछ हिस्सों में बाढ़ आ सकती है. इसको लेकर दिल्ली सरकार हाई-अलर्ट पर है.