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'...लगा सब मरने वाले हैं, मैं सांस नहीं ले पा रही थी', तिरुपति में भगदड़ की गवाह ने बताया मंजर

तिरुपति मंदिर में भगदड़ मचने से 6 लोगों की मौत हो गई और करीब 40 लोग घायल हुए. इस घटना के समय वहां मौजूद रही डी वेंकट लक्ष्मी ने एक स्थानीय समाचार चैनल को खौफनाक मंजर को विस्तार से बताया है.

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तिरुपति में भगदड़ की गवाह ने बताया मंजर
तिरुपति में भगदड़ की गवाह ने बताया मंजर

बीते बुधवार को हिंदू आस्था के केंद्र तिरुपति बालाजी मंदिर में बड़ा हादसा हुआ. यहां भगदड़ मचने से 6 लोगों की मौत हो गई और करीब 40 लोग घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है.

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'पांच मिनट के लिए लगा हम सब मरने वाले हैं'

एजेंसी के अनुसार हादसे की गवाह डी वेंकट लक्ष्मी ने एक स्थानीय समाचार चैनल को बताया, 'पांच मिनट के लिए लगा हम सब मरने वाले हैं. मैं पिछले 25 सालों से मंदिर आ रही हूं और ऐसा कभी नहीं हुआ था. हादसे के समय छह लड़कों ने मुझे एक तरफ खींच लिया और पीने के लिए पानी दिया.'

'मैं चिल्ला रही थी, भीड़ बेकाबू थी'

लक्ष्मी के मुताबिक, 'लोग आगे भाग रहे थे और जहां मैं खड़ी थीं, वहां करीब 10 लोग एक साथ गिर पड़े. मैं चिल्ला रही थी कि मैं गिर रही हूं और फिर भी लोग पीछे से धक्का दे रहे थे. वे लोग बेकाबू थे. मैं काफी देर तक सांस भी नहीं ले सकी.' उन्होंने कहा - 'अगर पुलिस ने श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ने की अनुमति दी होती, तो इस आपदा को टाला जा सकता था. उस समय लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है.'

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'11 बजे मंदिर आईं थी और शाम 7 बजे गेट खुला'

एक अन्य श्रद्धालु ने कहा कि 'वह बुधवार सुबह करीब 11 बजे मंदिर आईं थी और शाम 7 बजे गेट खोला गया था. उन्होंने कहा, 'एक व्यक्ति ने सबसे कहा कि जल्दबाजी न करें और एक लाइन में जाएं, लेकिन कौन ही सुन रहा था. पुलिस बाहर थी, अंदर नहीं.' एक पुरुष श्रद्धालु ने जोर देकर कहा कि पुलिस को 5,000 श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बारे में पहले ही  बताया गया था. उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने अचानक गेट खोल दिया, जिससे भगदड़ मच गई. 

बता दें कि बुधवार की रात, तिरुमाला हिल्स पर भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में वैकुंठ द्वार दर्शनम के लिए टिकट लेने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग भाग रहे थे, जिसके बाद तिरुपति में एमजीएम स्कूल के पास बैरागी पट्टेदा में मची भगदड़ में छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई और लगभग 40 से अधिक घायल हो गए. 10 जनवरी से शुरू होने वाले 10 दिवसीय वैकुंठ द्वार दर्शन के लिए देश भर से सैकड़ों भक्त यहां आए थे.

लाइन में खड़े थे 4000-5000 श्रद्धालु

यह हादसा दर्शन के लिए टोकन लेने के दौरान हुआ था. तब लगभग 4000-5000 श्रद्धालु लाइन में खड़े थे. बाद में पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर कर दिया है और स्थिति को नियंत्रण में ले लिया था.  

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