विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने चीन के साथ जारी तनाव के मसले पर बड़ा बयान दिया है. विदेश मंत्री का कहना है कि भारत इस वक्त चीन के साथ रिश्तों के अपने सबसे मुश्किल दौर में है. विदेश मंत्री ने ये बात एक इंस्टीट्यूट के कार्यक्रम में कही.
LAC पर जारी गतिरोध को लेकर विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच सीमा को लेकर विवाद है, लेकिन जबतक ये विवाद रहता है तबतक दोनों देशों को बॉर्डर पर शांति बरतनी होगी.
देखें: आजतक LIVE TV
एस. जयशंकर ने कहा कि चीन की ओर से LAC पर हजारों की संख्या में सैनिकों को लाया गया, जिसके कारण दोनों देशों के रिश्तों में खटास आई. दो देशों के संबंधों में सीमा पर शांति होना जरूरी है, लेकिन चीन द्वारा जो किया गया उससे रिश्तों में दरार पहुंची.
विदेश मंत्री ने कहा कि मुद्दे की बात ये है कि दोनों देशों के बीच कुछ एग्रीमेंट हैं, जिनका पालन नहीं किया गया. एस. जयशंकर ने इस दौरान कई मसलों पर बात की, उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि बाहर की कंपनियां हमारे यहां आएं, लेकिन इस दौरान हमारा फोकस अपने हितों पर भी है.
"The ability to capture change, internalise it and plan and strategise on that basis, that is actually a challenge." @DrSJaishankar speaks to his book 'The India Way: Strategies for an Uncertain World' pic.twitter.com/kqaxtvnwX4
— The Lowy Institute (@LowyInstitute) December 9, 2020
आपको बता दें कि भारत और चीन के बीच अप्रैल महीने से ही तनाव की स्थिति बनी हुई है. चीन ने लद्दाख सीमा के पास कई बार घुसपैठ की कोशिश की, सैनिकों की संख्याओं को बढ़ाया. हालांकि, भारत ने भी इस दौरान अपनी तैयारियों को पुख्ता किया. दोनों देशों के बीच अबतक कई राउंड की चर्चा हो चुकी है, हालांकि कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है.
यहां अपने संबोधन में एस. जयशंकर ने कहा कि लॉकडाउन के वक्त भारत ने खुद को साबित किया है, हमारे यहां मैन्यूफैक्चरिंग, मेडिकल सप्लाई और इंफ्रास्ट्रक्चर में शानदार काम हुआ है. कोरोना को लेकर मंत्री ने कहा कि भारत में जुलाई-अगस्त के दौरान पीक आया, लेकिन अब केस काफी कम हो गए हैं. भारत का रिकवरी रेट शानदार है, जो हमारी तैयारियों को दर्शाता है.