
तमिलनाडु के पूर्व सीएम और एआईएडीएमके महासचिव एडप्पाडी पलानीस्वामी से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को दिल्ली में मुलाकात की है. दोनों नेताओं के बीच मुलाकात के बाद एक बार फिर से एआईएडीएमके और बीजेपी के बीच गठबंधन के अटकलें तेज हो गई हैं. 2023 में एआईएडीएमके-बीजेपी के बीच गठबंधन टूटा था. एआईएडीएमके ने 2019 लोकसभा चुनावों में BJP और पाट्टाली मक्कल कॉची के साथ गठबंधन किया था. जिसके बाद गठबंधन बुरी तरह से हार गया और एआईएडीएमके को महज दो सीटें मिलीं थी.
गठबंधन की संभावनाएं क्यों बढ़ीं?
2023 में एआईएडीएमके ने बीजेपी से नाता तोड़ लिया था, लेकिन अब 2026 में होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के मद्देनजर समीकरण बदल सकते हैं. 2023 में बीजेपी नेता के. अन्नामलाई के AIADMK और जयललिता पर दिए गए बयानों से रिश्ते और बिगड़ गए थे.
तमिलनाडू के पूर्व सीएम एडप्पाडी पलानीस्वामी ने हाल में ही गठबंधन के सवाल पर जवाब देते हुए कहा था कि छह महीने का इंतजार करें. जिसके बाद दिल्ली से लेकर तमिलनाडु तक राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गईं थी.
8 मार्च 2025 को तमिलनाडु बीजेपी के प्रमुख अन्नामलाई कुप्पुसामी ने कहा था कि प्रदेश में पार्टी की बढ़ती ताकत की वजह से अन्य विपक्षी पार्टी बीजेपी के साथ गठबंधन करना चाहती है. हालांकि, अन्नामलाई ने एआईएडीएमके का नाम नहीं लिया था.
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बीजेपी और एआईएडीएमके, दोनों ही दल तमिलनाडु में सत्ताधारी डीएमके सरकार पर हमले तेज कर दी है. जिससे गठबंधन की अटकलों को और धार मिलती है.
DMK ने मुलाकात पर क्या प्रतिक्रिया दी?
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने पलानीस्वामी और शाह की मुलाकात से पहले दिन में कहा था कि दो-भाषा नीति के बारे में बात करना नहीं भूलिएगा.