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डॉ. मनमोहन सिंह की ईमानदारी के मुरीद ओबामा, किताब में लिखा 'भ्रष्ट न होने की छवि' कायम रखी

पूर्व राष्ट्रपति ओबमा ने अपनी किताब में लिखा है कि उनके और मनमोहन सिंह के बीच गर्मजोशी भरे रिश्ते थे. ओबामा कहते हैं कि मनमोहन सिंह विदेश नीति के मामले में काफी सावधान रहते थे और वे भारत की ब्यूरोक्रेसी को दरकिनार कर ज्यादा आगे बढ़ने से परहेज करते थे.

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पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और पूर्व US प्रेसिडेंट बराक ओबामा (फोटो-पीआईबी)
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और पूर्व US प्रेसिडेंट बराक ओबामा (फोटो-पीआईबी)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 'अ प्रॉमिस्ड लैंड' में ओबामा ने की पूर्व पीएम की तारीफ
  • 'भ्रष्ट न होने की छवि' डॉ. मनमोहन सिंह ने कायम रखी
  • 'भारत के आर्थिक कायाकल्प के चीफ आर्किटेक्ट रहे मनमोहन'

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपनी पुस्तक 'अ प्रॉमिस्ड लैंड' में भारत की राजनीति पर बारीकी से कलम चलाई है. बराक ओबामा ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की खूब तारीफ की है. ओबामा ने लिखा है कि मनमोहन सिंह भारत की अर्थव्यवस्था के आधुनिकीकरण के इंजीनियर रहे. उन्होंने लाखों भारतीयों को गरीबी के दुश्चक्र से बार निकाला है.

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ओबामा ने लिखा है, "मेरी नजर में मनमोहन सिंह बुद्धिमान, विचार और राजनीतिक रूप से ईमानदार व्यक्ति हैं." डॉ. मनमोहन सिंह की ईमानदारी और उनकी राजनीतिक शूचिता की चर्चा करते हुए ओबामा लिखते हैं, "भारत के आर्थिक कायाकल्प के चीफ आर्किटेक्ट के रूप में पू्र्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मुझे विकास के प्रतीक के रूप में दिखे: एक छोटे सिख समुदाय का सदस्य, जिसे कई बार सताया भी गया, जो कि इस देश के सबसे बड़े पद तक पहुंचा, और वे एक ऐसे विनम्र टेक्नोक्रेट थे जिन्होंने लोगों का विश्वास उनकी भावनाओं को अपील कर नहीं जीता , बल्कि लोगों को उच्च जीवन स्तर देकर वे कामयाब हुए और उन्होंने बड़ी मेहनत से अर्जित बेइमान न होने की अपनी ख्याति कायम रखी."

पूर्व राष्ट्रपति ओबमा ने अपनी किताब में लिखा है कि उनके और मनमोहन सिंह के बीच गर्मजोशी भरे रिश्ते थे. ओबामा कहते हैं कि मनमोहन सिंह विदेश नीति के मामले में काफी सावधान रहते थे और वे भारत की ब्यूरोक्रेसी को दरकिनार कर ज्यादा आगे बढ़ने से परहेज करते, क्योंकि भारत की ब्यूरोक्रेसी अमेरिकी मंशा को लेकर ऐतिहासिक रूप से शंकालु रही है. 

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ओबामा ने लिखा है कि जब वे डॉ. मनमोहन सिंह से मिले तो उनको लेकर उनकी धारणा पुष्ट हो गई कि वे असाधारण मेधा के व्यक्ति हैं. 

ओबामा कहते हैं कि जब वो नई दिल्ली की यात्रा पर आए थे तो डॉ. मनमोहन सिंह ने उनके लिए एक डिनर पार्टी दी थी. इस पार्टी में ओबामा जब मनमोहन सिंह से मिले तो पत्रकारों से दूर डॉ. मनमोहन सिंह देश की अर्थव्यवस्था को लेकर चिंतित नजर आ रहे थे. 

 

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