गिफ्टिंग और ट्रैवल इंडस्ट्री इस उम्मीद में हर वर्ष वेलेंटाइन वीक का ब्रेसब्री से इंतजार करती है कि उसके बिजनेस में उछाल आएगा. लेकिन हालिया रुझानों से पता चलता है कि अब सिर्फ लीगल बिजनेस ही नहीं बल्कि साइबर-फ्रॉड करने वाले ठग भी वेलेंटाइन वीक का उतनी ही बेसब्री से इंतजार करने लगे हैं. इसे 'रोमांस स्कैम' नाम दिया गया है. क्योंकि लाखों लोग अपने लिए पार्टनर की तलाश में अपने पसंदीदा ऐप या सर्च प्लेटफॉर्म पर लॉग इन करते हैं.
साइबर फ्रॉड फेक या कभी-कभी दूसरे व्यक्ति की पहचान का उपयोग करके व्यक्तियों को ऑनलाइन टारगेट करते हैं. हाल की रिपोर्टों से पता चलता है कि जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स की भरमार के बीच ऐसे स्कैम में वृद्धि हुई है. साइबर सिक्योरिटी फर्म Mcafee की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, 39% भारतीयों की संभावित प्रेमिकाएं स्कैमर्स निकलीं, जबकि 77% भारतीयों का सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स पर फेक प्रोफाइल से सामना हुआ, जो एआई-जनरेटेड थे.
एक अन्य हालिया रिपोर्ट से पता चलता है कि ऑनलाइन डेटिंग करने वाले 52% लोगों के साथ या तो पैसों की ठगी हुई है या उन पर गिफ्ट भेजने के लिए दबाव डाला गया है. ठग डेटिंग और सोशल मीडिया ऐप्स का फायदा उठा रहे हैं और कमिटेड रिलेशनशिप का झूठा विश्वास दिलाकर पीड़ितों को पैसे और कीमती सामान भेजने के लिए मजबूर करते हैं. इस तरह के साइबर फ्रॉड का शिकार होने वाले लोग भावनात्मक और आर्थिक रूप से बर्बाद हो जाते हैं.
आग में घी का काम कर रहे AI टूल्स
स्कैमर्स टिंडर, बम्बल और ओकेक्यूपिड जैसे डेटिंग ऐप्स के साथ-साथ सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन हाल के रुझानों से पता चलता है कि विक्टिम को टारगेट करने के लिए एआई चैटबॉट के साथ-साथ इमेज जनरेटिंग सर्विस का उपयोग करने लगे हैं. एआई टूल्स ने साइबर क्रिमिनल्स को और भी अधिक विश्वसनीय वर्चुअल प्रोफाइल बनाने में सक्षम बना दिया है, जिससे पीड़ितों के लिए नकली और असली प्रोफाइल में भेद कर पाना काफी मुश्किल हो गया है.
ऐसा ही एक उदाहरण 53 वर्षीय फ्रांसीसी महिला का है, जिसे हॉलीवुड अभिनेता ब्रैड पिट के नाम पर जालसाजों ने 7.5 करोड़ रुपये का चूना लगाया था. एआई-जनरेटेड तस्वीरों और वीडियो का उपयोग करके, स्कैमर्स ने महिला को विश्वास दिला दियाकि वह ब्रैड पिट के साथ रोमांटिक रिलेशनशिप में है. ब्रैड पिट की फेक आईडी बनाकर जालसाजों ने महिला को पहले प्रेम जाल में फंसाया. फिर ब्रैड पिट को कैंसर का इलाज कराने के नाम पर उससे 7.5 करोड़ रुपये ठग लिए.
जालसाजों के दावे सच लगें इसके लिए उन्होंने फेक डॉक्यूमेंट्स के साथ-साथ एआई का उपयोग करके अस्पताल के बेड पर ब्रैड पिट की ऐसी तस्वीरें तैयार की, जो सच लगें. महिला ने उन ठगों की जान में फंस भी गई. इस घटना की रिपोर्ट इस साल की शुरुआत में फ्रांसीसी मीडिया ने की थी. वैश्विक स्तर पर किए गए Mcafee के सर्वे में शामिल 26% लोगों ने बताया कि डेटिंग ऐप्स या सोशल मीडिया पर वास्तविक व्यक्तियों के रूप में एआई चैटबॉट्स द्वारा उनसे संपर्क किया गया था. रिपोर्ट में कहा गया है कि सर्वे में शामिल 21% लोगों ने माना कि उन्हें डेटिंग ऐप्स या सोशल मीडिया पर फाइनेंशियल फ्रॉस का शिकार होना पड़ा और विक्टिम्स को औसतन 1.7 लाख रुपये का नुकसान हुआ.
डेटिंग ऐप्स और ऑनलाइन मीटिंग प्लेटफॉर्म की बढ़ती संख्या के साथ, स्कैमर्स द्वारा अपनाया गया एक और पैटर्न डुप्लिकेट ऐप्स और वेबसाइटों का निर्माण है. साइबर क्रिमिनल्स लोकप्रिय ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के यूजर इंटरफेस की नकल करते हुए फेक ऐप या वेबसाइट बनाते हैं और लोगों के साथ फाइनेंशियल फ्रॉड करते हैं.
रामांस स्कैम सिर्फ Tech तक सीमित नहीं
रामांस स्कैम सिर्फ ऑनलाइन दुनिया तक ही सीमित नहीं हैं. कुछ रेस्टोरेंट और बार के रिव्यू में एक खास तरह के ऑफलाइन स्कैम के बारे में बताया गया है. इसके तहत ठग ज्यादातर सिंगल मेल को टारगेट करते हैं, जो किसी बार या रेस्टोरेंट में किसी लड़की के साथ डेटिंग पर जाने की तमन्ना रखते हैं. ऐसी ही एक घटना पश्चिमी दिल्ली के एक पब में दर्ज की गई थी. विक्टिम ने Google पर उस पब का रिव्यू देते हुए अपने साथ हुए फ्रॉड के बारे में बताया.
साइबर ठगों ने विक्टिम को 'कॉल गर्ल्स' के बहाने पब में बुलाया था और डिनर और ड्रिंक का ऑर्डर दिलाकर उसके साथ ठगी की थी. विक्टिम ने रिव्यू में बताया कि ठगों ने बकायदा उस पब का एक फेक मेनू प्रिंट करवाया था, जिसमें चीजों के दाम बढ़ाकर लिखे गए थे. एक पाइंट बीयर की कीमत 900-1000 रुपये और हुक्का की 4000 रुपये थी. ठगों ने विक्टिम से अपने मेनू के हिसाब से पैसे लिए और फिर पब के मेनू के हिसाब से ऑर्डर दिया. विक्टिम ने ये भी बताया कि स्कैमर्स लड़कियों और वेटर के रूप में होते हैं और ऑर्डर देने के बाद, गायब हो जाते हैं और आपको भारी बिल चुकाने के लिए अकेला छोड़ देते हैं.
इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने अतीत में डेटिंग ऐप्स का उपयोग करके किए गए रोमांस स्कैम के तौर-तरीकों पर एक एडवाइजरी जारी की है, जहां ठग पीड़ितों को लुभाने के लिए नकली प्रोफाइल बनाते हैं. वे बातचीत को निजी चैनलों पर ले जाने से पहले मजबूत भावनाओं को व्यक्त करने, विश्वास कायम करने के लिए 'लव बॉम्बिंग' का उपयोग करते हैं. पीड़ित के एक बार भरोसा करने के बाद, वे पैसे, उपहार, बैंक डिटेल्स या इंटिमेट तस्वीरें और वीडियो मांगते हैं. फिर इनका उपयोग ब्लैकमेलिंग के लिए करते हैं.
एजेंसी ने नागरिकों को चेतावनी देते हुए कहा, 'इस तरह की धोखाधड़ी के कारण नागरिकों को बड़ी मात्रा में वित्तीय नुकसान हुआ है. ऐसे फ्रॉड मेल या फीमेल पार्टनर की चाह रखने वाले लोगों को टारगेट करते हैं. हाल ही में मेटा ने वैलेंटाइन डे से पहले यह नोटिफाई किया था कि उसने संदेहास्पद अकाउंट को अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया है, जिनमें वे अकाउंट भी शामिल हैं जो किसी दूसरे अकाउंट की क्लोनिंग करते हैं. टेक फर्म ने अपने यूजर्स को किसी ऐसे व्यक्ति से चैट करते समय सावधान करने के लिए एक अलर्ट भी जारी किया है, जिसके अकाउंट में संदिग्ध गतिविधि के संकेत दिखाई दे रहे हैं.