जम्मू-कश्मीर में नई सरकार के शपथ लेने के बाद अचानक से आतंकी गतिविधियों में तेजी आ गई है. उमर अब्दुल्ला के शपथ लेने के बाद पिछले 9 दिनों में आतंकवाद की चार बड़ी वारदात सामने आ चुकी हैं जिसमें जवानों सहित 12 लोगों की जान चले गई.
सबसे ताजा हमला गुरुवार शाम, यानि 24 अक्टूबर को हुआ जब आतंकियों ने बारामूला जिले के बोटापत्थर गुलमर्ग इलाके में सेना के एक वाहन को निशाना बनाते हुए हमला किया. गुरुवार शाम हुए आतंकी हमले में 2 जवान शहीद हो गए हैं. इसके अलावा सेना के लिए काम करने वाले 2 पोर्टर की भी मौत हो गई.
दरअसल जम्मू कश्मीर में हाल ही में विधानसभा चुनाव संपन्न हुए हैं और नई सरकार सत्ता पर काबिज हो चुकी है. चुनाव के दौरान जिस तरह से लोगों ने बड़ी संख्या में आकर लोकतंत्र के महापर्व में शिरकत की और आतंकवादी कुछ भी गड़बड़ी नहीं फैला सके, उससे आतंकवादी और सीमापार बैठे उनके आका बौखलाहट में हैं. इसी बौखलाहट का नतीजा है कि आतंकवादी अब सुरक्षाबलों और गैर-कश्मीरी लोगों को निशाना बना रहे हैं.
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एक हफ्ते के अंदर चार बड़ी वारदात
शोपियां में गैर-कश्मीरी युवक की हत्या- 18 अक्टूबर को शोपियां में आतंकियों ने गैर-स्थानीय युवक की गोली मारकर हत्या कर दी थी. बिहार के रहने वाले एक श्रमिक का शव दक्षिण कश्मीर जिले में जैनापुरा के वाची इलाके से बरामद किया गया. श्रमिक की पहचान अशोक चौहान के रूप में हुई, जो अनंतनाग के संगम इलाके में रहता था. चौहान के शरीर पर दो गोलियां लगने के निशान थे.
गांदरबल में जेड मोड़ टनल पर हमला- 20 अक्टूबर को आतंकवादियों ने गांदरबल के सोनमर्ग में निर्माणाधीन जेड मोड टनल में हमला किया. यह हमला तब किया था जब गांदरबल के गुंड में जेड मोड़ टनल परियोजना पर काम कर रहे मजदूर और अन्य कर्मचारी देर शाम अपने शिविर में लौट आए थे. यह हमला ऐसे क्षेत्र में हुआ है जहां पिछले एक दशक में आतंकवादियों की मौजूदगी बहुत कम रही है. इस हमले में बडगाम के एक डॉक्टर और पांच गैर स्थानीय लोगों समेत कम से कम सात लोग मारे गए जबकि पांच अन्य घायल हो गए.इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर के संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी.
गुलमर्ग में हमला- 24 अक्टूबर को उत्तरी कश्मीर के गुलमर्ग से छह किलोमीटर दूर सेना के एक वाहन पर गुरुवार को हुए आतंकी हमले में जो जवानों के साथ बल के साथ काम करने वाले दो कुलियों की मौत हो गई. इस दौरान करीब चार लोग घायल हो गए. आतंकवादियों ने शाम के समय बूटापथरी इलाके में सेना के वाहन पर तब गोलीबारी की जब वह अफरावत रेंज में नागिन चौकी की ओर जा रहा था.
पुलवामा में मजदूर को मारी गोली- गुरुवार सुबह आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल इलाके में एक प्रवासी मजदूर को गोली मार दी है. उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के शुभम कुमार को बटगुंड में गोली मारी गई. इस दौरान वह घायल हो गया और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर है.
लगातार हो रहे आतंकी हमलों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हैं और हाईलेवल बैठकें हो रही है. जिस तरह से आतंकवादियों ने अपनी हरकतें तेज कर दी हैं, उससे सुरक्षाबलों की चुनौतियां भी बढ़ गई हैं.
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आतंक का नया ट्रेंड
दरअसल, 370 हटने के बाद घाटी में जिस तरह से शांति कायम हुई और आतंकवादी घटनाएं कम हुईं उससे आतंकियों के आका भी बौखला गए. नई सरकार के गठन के बाद जिस तरह तरह से आतंकवाद की घटनाएं बढ़ रही हैं, उससे साफ है कि आतंकवादी लोगों के मन में फिर से खौफ पैदा करना चाहते हैं.
आतंकवादी की हालिया घटनाओं का नए ट्रेंड से एक और चीज निकलकर सामने आई है कि वो वहां भी हमले कर रहे हैं जो लोगों और पर्यटकों के लिए सबसे सुरक्षित इलाके माने जाते थे, गुलमर्ग और जेड मोड़ टनल पर हुआ हमला इसका एक उदाहरण है. वहीं आतंकी लगातार गैर-कश्मीरी लोगों को निशाना बना रहे हैं. सुरक्षित माने वाली जगहों पर हो रहे हमलों से सुरक्षाबलों की चुनौतियां पहले से ज्यादा बढ़ गई हैं. देखना होगा कि कैसे वो इन चुनौतियों से पार पाते हैं.