गैंगस्टर एक्ट मामले में निलंबित सांसद अफजाल अंसारी द्वारा अपनी दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग की अर्जी पर सुप्रीम कर ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया. यूपी सरकार ने अफजाल अंसारी की याचिका का विरोध किया. अफजाल अंसारी के वकील ने कहा कि आज मौजूदा समय में सभी मौजूदा MP/MLA के साथ ऐसी ही स्थिति है.
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ के समक्ष अफजाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि 1993 की FIR में भी ऐसा कुछ नहीं था जो यह दिखाता हो कि अफजाल अंसारी घटना में शामिल थे. रिकॉर्ड पर ऐसा कुछ भी नहीं है जिससे साबित हो कि अफजाल अंसारी ने गवाहों को धमकाने और सबूतों को प्रभावित करने की कोशिश की.
सिंघवी ने आरोप लगाया कि ट्रायल कोर्ट ने मामले के निपटारे में अनावश्यक देरी की. सिंघवी ने दलील दी कि अफजाल अंसारी तब सांसद थे. लेकिन फैसले के बाद उनको संसद की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया. अफजाल 3 बार विधायक और दो बार सांसद रहे हैं. उन्होंने अपने क्षेत्र में विकास और समाज सेवा के कई कार्य किए हैं. सिंघवी ने वायनाड सांसद राहुल गांधी के निलंबन के बाद उनकी बहाली के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला भी दिया.
अभिषेक मनु सिंधवी ने कहा कि चुनाव आयोग 6 महीने में कभी भी चुनाव की घोषणा कर सकता है. उत्तर प्रदेश सरकार ने अफजाल की याचिका का विरोध करते हुए कहा कि दोषसिद्धि पर ऐसे ही रोक नहीं लगाई जा सकती है. इसके लिए कोई खास वजह होनी चहिए. अफजाल अंसारी को गैंगस्टर एक्ट में दोषी करार दिया गया है. उसमें न्यूनतम दो साल और अधिकतम 10 साल कैद की सज़ा का प्रावधान है.
यूपी सरकार ने कहा कि गंभीर आपराधिक मामले में अफजाल अंसारी को दोषी करार दिया गया है. यूपी सरकार ने कहा कि राहुल गांधी के मामले में अधिकतम सज़ा दो साल ही थी. ऐसे में उस आदेश का हवाला नहीं दिया जा सकता है. यूपी सरकार ने कहा कि कानून के अनुसार विधायक, सांसद और आम आदमी सब कानून की निगाह में बराबर है.
यूपी सरकार ने कहा कि अगर अफजाल की दोषसिद्धि पर रोक लगाई जाती है तो उससे समाज पर भी असर पड़ेगा.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केस के हिसाब से दोषसिद्धि पर रोक लगाई जाती है. कोर्ट ने यूपी सरकार से मामले में अपवाद के बताने को कहा. यूपी सरकार ने कहा कि अफजाल अंसारी के वकील लोकसभा सीट खाली होने की दलील नहीं दे सकते हैं. गैंस्टर मामले में अफजाल अंसारी की दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगाई जा सकती है. अफजाल अंसारी के खिलाफ अभी भी कई मामले में लंबित हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अफजाल अंसारी को अभी सिर्फ गैगस्टर मामले में दोषी करार दिया गया है. दूसरे किसी अन्य मामले में दोषी नहीं करार दिया गया है. अफजाल अंसारी के खिलाफ तीन से चार मामले अभी भी लंबित है. गैगस्टर मामले में अफजाल को सज़ा हुई है. यूपी सरकार ने कहा कि अगर अफजाल की दोषसिद्धि पर रोक लगाई जाती है तो उससे कानून व्यवस्था की भी बात आ सकती है, समाज पर इसका समाज पर गलत असर पड़ेगा.
अफजाल अंसारी के वकील ने कहा कि अफजाल अंसारी सात बार चुनाव जीते हैं. जबकि FIR में भी अफजाल अंसारी का नाम नही था. उच्च अधिकरियों के दबाव डालने पर अफजाल अंसारी का नाम FIR में जोड़ा गया. उसी दिन गैगस्टर ऐक्ट भी लगाया गया. अंसारी के वकील ने कहा कि अगर दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगाई गई तो 10 साल के लिए संसद से बाहर हो जाएंगे.
गाजीपुर जिले की एमपी एमएलए विशेष अदालत से आरोप साबित होने यानी दोषसिद्धि के बाद अफजाल को चार साल की सजा हुई है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट मामले में निचली अदालत द्वारा उसे दोषी ठहराने के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था.