मुंबई में बाबा सिद्दीकी के मर्डर केस को लॉरेंस गैंग का नाम सामने आ रहा है. इस बीच एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है कि मुंबई पुलिस लॉरेंस बिश्नोई की कस्टडी लेकर उससे पूछताछ क्यों नहीं कर रही है, जबकि सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग के मामले में भी लॉरेंस गैंग का नाम सामने आया था. फायरिंग केस में लॉरेंस को भी आरोपी बनाया गया था.
अब जानकारी सामने आ रही है कि मुंबई क्राइम ब्रांच लॉरेंस बिश्नोई की कस्टडी के लिये कई बार आवेदन दायर कर चुकी है. लेकिन अब तक मुंबई पुलिस को उसकी कस्टडी नहीं मिली है. पुलिस को लॉरेंस की कस्टडी मिलने में गृह मंत्रालय का CRPC की धारा 268 के तहत जारी वह आदेश आड़े आ रहा है, जिसमें लॉरेंस को गुजरात की साबरमती जेल से ट्रांसफर करने की अनुमति नहीं है.
पप्पू यादव ने लॉरेंस गैंग को दी थी चुनौती
खत्म होने के बाद आदेश को बढ़ाया
गृह मंत्रालय का आदेश पहले अगस्त 2024 तक प्रभावी था, लेकिन सूत्रों के मुताबिक अब इस आदेश को और बढ़ा दिया गया है. हालांकि, बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की भूमिका की जांच भी जारी है.
कांग्रेस छोड़कर जॉइन की थी NCP
बता दें कि 12 अक्टूबर की देर रात एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की मुंबई के बांद्रा इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उनकी हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली. बिश्नोई गैंग ने सलमान खान और दाऊद गैंग के करीबियों को धमकी भी दी. उसने कहा कि ऐसे लोग अपना हिसाब-किताब रखना. बाबा सिद्दीकी का राजनीति के साथ-साथ बॉलीवुड के लोगों से काफी करीबी रिश्ता था. उनकी इफ्तार पार्टियों में बड़ी-बड़ी हस्तियां शामिल होती थीं. वह हाल ही में कांग्रेस पार्टी छोड़कर एनसीपी (अजित पवार) में शामिल हुए थे.