दिल्ली के चर्चित गीतिका शर्मा सुसाइड केस में 25 जुलाई को कोर्ट का फैसला आएगा. हरियाणा के पूर्व गृह राज्य मंत्री गोपाल कांडा इस मामले में मुख्य आरोपी हैं. 2012 के इस मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले से कांडा का राजनीतिक भविष्य भी तय होगा.
दरअसल, गोपाल कांडा की एयरलाइंस में एयर होस्टेस रहीं गीतिका शर्मा ने 5 अगस्त 2012 को अपने अशोक विहार स्थित घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. गीतिका ने सुसाइड नोट में इस कदम के लिए कांडा और उनकी MDLR कंपनी में सीनियर मैनेजर रहीं अरुणा चड्ढा को जिम्मेदार ठहराया था. कांडा को इस मामले में 18 महीनों तक जेल में रहना पड़ा. उन्हें मार्च 2014 में जमानत मिली थी. गीतिका के सुसाइड के करीब 6 महीने बाद गातिका की मां ने भी आत्महत्या कर ली. उन्होंने भी अपनी मौत के लिए गोपाल कांडा को जिम्मेदार ठहराया.
अभी विधायक हैं गोपाल कांडा
गोपाल कांडा अभी अपनी पार्टी हरियाणा लोकहित पार्टी से सिरसा से विधायक हैं. इस केस के वक्त तक गोपाल कांडा को हरियाणा का बड़ा नेता और कारोबारी माना जाता था. तब वे भूपिंदर सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में राज्य के गृह मंत्री थे. उनके पास शहरी निकाय, उद्योग और वाणिज्य विभाग भी थे.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, नब्बे के दशक में गोपाल गोयल कांडा की हरियाणा के सिरसा में रेडियो रिपेयर की एक छोटी सी दुकान थी. इसके बाद कांडा ने अपने भाई के साथ मिलकर जूते और चप्पल की दुकान खोली. दुकान चल पड़ी. इसके बाद उसने बिजनेस बढ़ाते हुए खुद जूता बनाने की फैक्ट्री खोल ली. कांडा ने धीरे धीरे राजनीतिक पहचान बनाना शुरू किया. इसके बाद कांडा रियल एस्टेट कारोबारी बन गए.
गोपाल कांडा ने 2008 में गुड़गांव से MDLR एयरलाइंस की शुरुआत की. इसका नाम उन्होंने अपने पिता के नाम 'मुरलीधर लेखा राम' (MDLR) के नाम पर रखा था. हालांकि उनके विवादों में फंसने के बाद साल 2009 में एयरलाइंस का कामकाज बंद हो गया. हालांकि, कांडा की 40 दूसरी कंपनियां और चल रही थीं.
इन कंपनियों में कांडा ने लड़कियों को भर्ती करना शुरू कर दिया. छोटी उम्र में ही लड़कियों को बड़े-बड़े पद बांट दिए और इन्हीं में से एक लड़की थी दिल्ली की गीतिका. गीतिका को गोपाल कांडा ने पहले इंटरव्यू के बाद ट्रेनी केबिन क्रू का लेटर थमा दिया. फिर छह महीने बाद जैसे ही गीतिका 18 साल की हुई उसे एयरहोस्टेस बना दिया. इसके बाद तो गीतिका की तरक्की और वक्त के बीच जैसे रेस लग गई.
गीतिका तीन साल के अंदर कंपनी में ट्रेनी से कंपनी की डायरेक्टर की कुर्सी तक पहुंच गई. ये सब मेहरबानी थी कांडा की. मेहरबानियां बरसती रहीं और गीतिका तरक्की करती गई. पर फिर अचानक कुछ ऐसा हुआ कि गीतिका, कांडा और उसकी कंपनी दोनों से दूर चली गई. उसने दुबई में नौकरी कर ली. पर कांडा ने उसे दिल्ली वापस आने पर मजबूर कर दिया. दिल्ली आने के बाद भी कांडा ने गीतिका का पीछा नहीं छोड़ा और इसी वजह से उसका दम कुछ इस कदर घुटने लगा कि उसने आत्महत्या कर ली.
गीतिका ने सुसाइड नोट में क्या लिखा?
गीतिका ने दो पेज के अपने सुसाइड नोट में गोपाल कांडा और अरुणा चड्ढा को जिम्मेदार ठहाराया. आज मैं अपने आप को खत्म कर रही हूं, क्यों कि मैं अंदर से टूट गई हूं. मेरे विश्वास टूट गया है और मेरे साथ धोखा किया गया. मेरी मौत के लिए दो लोग गोपाल कांडा और अरुणा अरुणा चड्ढा जिम्मेदार हैं. दोनों ने मेरे विश्वास को तोड़ा और अपने अपने फायदे के लिए मुझे इस्तेमाल किया. इन लोगों ने मेरे जीवन को बर्बाद कर दिया और अब ये लोग मेरे परिवार को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं. इन दोनों को इन गलत किए की सजा मिलनी चाहिए.
Timeline of Geetika sharma case
5 अगस्त 2012: गीतिका का शव उनके घर पर लटका मिला.
5 अगस्त 2012: गीतिका के घर से पुलिस ने सुसाइड नोट बरामद किया. इसमें कांडा को मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था.
5 अगस्त 2012: कांडा के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया.
- कांडा ने हरियाणा के गृह मंत्री पद से इस्तीफा दिया.
7 अगस्त 2012: पुलिस ने कांडा को पूछताछ के लिए बुलाया. कांडा ने आरोपों से इनकार किया.
8 अगस्त 2012: MDLR मैनेजर अरुणा चड्ढा को गिरफ्तार किया गया.
8 अगस्त 2012: पुलिस ने कांडा को फरार घोषित कर दिया.
8 अगस्त 2012: कांडा ने अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की.
9 अगस्त 2012: पुलिस ने कांडा के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया. उनके घर पर छापेमारी की गई.
17 अगस्त 2012: हाईकोर्ट ने कांडा की जमानत याचिका खारिज की.
18 अगस्त 2012: कांडा ने अशोक विहार पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण किया.