Marriage Age Controversy: लड़कियों की शादी की उम्र 18 से बढ़ाकर 21 किए जाने वाले प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही इस पर हंगामा होना भी शुरू हो गया है. मोदी कैबिनेट की ओर से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर मुस्लिम विधायकों ने आपत्ति जताई है. पहले अबु आजमी और अब झारखंड के मंत्री हफीजुल अंसारी ने कहा कि लड़कियों की शादी की उम्र 18 से ज्यादा नहीं होना चाहिए.
दरअसल, बुधवार को ही केंद्रीय कैबिनेट ने उस प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसमें लड़कियों की शादी की कानूनी उम्र को 18 साल से बढ़ाकर 21 साल करने का प्रावधान है. इस बिल को इसी संसद सत्र में पेश किए जाने की बात कही जा रही है. इस बिल के कानून बनते ही देश में लड़कों और लड़कियों की शादी की कानूनी उम्र एक ही हो जाएगी.
हालांकि, मोदी सरकार के इस प्रस्ताव से मुस्लिम विधायक नाराज हैं. झारखंड की कांग्रेस सरकार में मंत्री हफीजुल अंसारी ने कहा कि लड़कियों की शादी की उम्र 18 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सरकार ये सब कर रही है.
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इससे पहले समाजवादी पार्टी के नेता और महाराष्ट्र के विधायक अबु आजमी ने भी इस पर आपत्ति जताई थी. उन्होंने कहा था कि जिस तरह किसी की मौत हो जाने के बाद तुरंत उसका अंतिम संस्कार कर दिया जाता है, उसी तरह लड़की के बालिग होने पर भी जल्द से जल्द उसकी शादी कर देनी चाहिए. उन्होंने कहा लेकिन अब 18 साल की लड़की शादी नहीं कर सकती. क्या अब वो 18 की उम्र में समझदार नहीं होगी, 21 की उम्र में ही मैच्योर होगी. उन्होंने आरोप लगाया कि कुपोषण बढ़ रहा है. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नाम पर भ्रष्टाचार हो रहा है. ये सब छिपाने के लिए ही ये सब किया जा रहा है.
अबु आजमी ने कहा कि अगर किसी लड़की की शादी 18 साल में तय हो गई है और अब इसकी इजाजत नहीं है और आगे चलकर रिश्ता नहीं मिलता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा. उन्होंने कहा कि मैंने सुना है कि अंग्रेजों के राज में केरल में कई लोगों को बोगी में जबरदस्ती बैठाया गया था. वहां पर लोगों ने खून और पेशाब पीना शुरू कर दिया था. इसी तरह प्राकृतिक जरूरत होती है. अगर वो सही उम्र में पूरी न हो तो इससे अपराध बढ़ सकते हैं.