गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने दिल्ली और राज्य के आम आदमी पार्टी नेताओं के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. उन्होंने बुधवार को कहा कि यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि AAP ने उनके और उनकी पत्नी के नाम को कथित नकद-के-लिए-नौकरी घोटाले में घसीटा है, जिसको लेकर मुख्यमंत्री का दावा है कि इसका कोई ठोस सबूत नहीं है, और राज्य पुलिस स्वतंत्र जांच कर रही है.
प्रमोद सावंत ने बताया कि विपक्षी पार्टियां, खासतौर पर AAP, उनके और उनकी पत्नी को बिना किसी प्रूफ के इस घोटाले में घसीट रही हैं. उन्होंने कहा, "मैंने AAP नेताओं के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. मेरी पत्नी भी उनके खिलाफ एक और मामला दर्ज कराएंगी."
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गोवा में नौकरी के उम्मीदवारों ने दर्ज कराई शिकायत
गोवा में कई उम्मीदवारों ने शिकायत दर्ज कराई है कि उन्हें राज्य सरकार की नौकरियों को सुगम बनाने का वादा करने वाले कुछ लोगों को लाखों रुपये देने के लिए मजबूर किया गया था. मुख्यमंत्री ने कहा, "मैंने नकद-के-लिए-नौकरी घोटाले में शामिल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है."
विपक्ष के आरोपों को सीएम सावंत ने किया खारिज
सीएम सावंत ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे बिना प्रूफ के उनके और उनके परिवार को इस विवाद में खींच रहे हैं. उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी राजनीति में हैं लेकिन सरकार का हिस्सा नहीं हैं.
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आम आदमी पार्टी के नेता क्या कह रहे हैं?
आम आदमी पार्टी ने यह कहते हुए केस की न्यायिक जांच कराने की मांग की, कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच से कोई परिणाम नहीं मिलेगा. AAP गोवा के अध्यक्ष अमित पालेकर ने कहा, "मैं मानता हूं कि ED की जांच का कोई परिणाम नहीं निकलेगा क्योंकि यह बीजेपी की एक और एजेंसी है." पालेकर ने आरोप लगाया कि कुछ बीजेपी कार्यकर्ता इस घोटाले में शामिल हैं, इसी वजह से उनकी पार्टी ने न्यायिक जांच की मांग की है.