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भारत में क्यों बढ़ रही गोल्ड स्मगलिंग

भारत में क्यों बढ़ रही गोल्ड स्मगलिंग, क्या उपेंद्र कुशवाहा नीतीश का साथ छोड़ने वाले हैं, भारत में गेहूं और आटे की कीमत क्यों बढ़ रही है, सुनिए 'आज का दिन' में.

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आज का दिन
आज का दिन

भारत में बढ़ी गोल्ड स्मगलिंग!

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गोल्ड स्मलिंग कैसे होती हैक्या होती है और क्यों होती है. संभवतः इस बारे में हमें पहली जानकारी फिल्मों से ही लगी हो. लेकिन असल में ये भारत के लिए अब तक बहुत बड़ी समस्या है,भले ही सिनेमा में अब गोल्ड स्मगलर कम दिखाए जाने लगे हों.   

पिछले दस सालों में गोल्ड स्मगलिंग ने बढ़ोतरी के नए रिकॉर्ड बनाए हैं और ये उन राज्यों में सबसे ज्यादा हैं अंतरराष्ट्रीय भूमि और समुद्री सीमाएं हैंया फिर वहाँ जहां से अंतर्राष्ट्रीय विमान उड़ते हैं.  राज्यवार अगर हम इसे देखें तो तमिलनाडु उन राज्यों में सबसे ऊपर है जहां से आवैध सोना सबसे ज्यादा जब्त किया गया। मार्केट में काम कर रहे लोग कहते हैं कि इंडियन मेड ज्वेलरी की पूरी दुनिया में डिमांड है लेकिन सरकार टैक्स में बढ़ोतरी करती जा रही ऐसे में ये अवैध तरीका फल फूल रहा है यानी साल दर साल गोल्ड इम्पोर्ट ड्यूटी में बढोतरी भी इसका कारण है. सुनिए आज का दिन में क्लिक कर के

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जदयू छोड़ेंगे कुशवाहा ?

 

कुछ दिन हो गए हैं ये सुनते हुए कि जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा पार्टी छोड़ सकते हैं. कुछ दिन पहले ही उन्होंने अपनी पार्टी का विलय जदयू में किया था. लेकिन ये सब ज़्यादा नहीं चला. खबरे आने लगी कि उपेंद्र कुशवाहा पार्टी छोड़ सकते हैं पिछले कुछ दिनों में उन्होंने बीजेपी नेताओं के साथ मुलाकात की तो ये चर्चा और तेज़ हो गई. नीतीश कुमार से जब इस सबंध में पूछा गया था तो उन्होंने कहा कि कोई भी कहीं जा सकता है.

तबसे ही ये चर्चाएं और तेज़ हो गई कि नीतीश कुमार भी कुशवाहा को उतनी तरजीह नहीं दे रहे हैं और कुशवाहा की जदयू से विदाई तय कही जाने लगी. लेकिन कल उपेंद्र कुशवाहा का बयान आया जिसमें उन्होंने कहा कि जदयू से अपना हिस्सा छोड़ कर नहीं जाऊंगा. कुशवाहा के इस बयान के बाद ही उस श्योरिटी पर भी विराम लगा सा दिखा कि कुशवाहा जदयू छोड़ कर ही जाएंगे. बहरहाल बिहार की राजनीति में कुशवाहा-नीतीश के सम्बन्धों में इस उहापोह की स्थिति क्यों है और क्या इसे इस तरह से देखना चाहिए कि कुशवाहा फिलहाल जाने के मूड में नहीं. सुनिए आज का दिन में क्लिक कर के

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भारत में क्यों बढ़ रहे गेहूं-आटे के दाम

 

पाकिस्तान में हो रहे ख़राब हालात का सबको ही अनुमान है. खाने पीने की कई चीजें महंगी हो चुकी हैं. आटे की ही कीमत डेढ़ सौ तक बताई जा रही है. इतने बड़े पैमाने पर तो नहीं पर भारत भी गेहूं की किल्लत से जूझ रहा है. और इसका असर गेहूं के दामों पर हो रहा है.और कीमतें बढ़ने के साथ मंडियों से इसका स्टॉक खत्म होता जा रहा है.

दूसरे शब्दों में कहें तो मंडियों से गेहूं गायब होता जा रहा है. डीलर और किसान कह रहे हैं कि सप्लाई के लिए सरकार ने अतिरिक्त स्टॉक जारी करने में देरी कर दी और फिर रही सही कसर पिछले साल की पैदावार की कमी  ने पूरी कर दी. तो गेंहू और आटे की भारत मे बढ़ रही कीमतों की वजह क्या है और उसमें भी जो ये स्टॉक में कमी का कारण बताया जा रहा है-वो कितना सही है. सुनिए आज का दिन में क्लिक कर के

 

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